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Mumbai News: हाईकोर्ट ने शिंदे सरकार को जारी किया नोटिस, BMC चुनावों में सीटों की संख्या घटाने का मामला

मुंबई में जल्द ही बीएमसी चुनाव होने वाले हैं। बीएमसी चुनावों में सीटों की संख्या घटाने के मामले में सुनवाई करते हुए बॉम्बे हाईकोर्ट ने शिंदे सरकार को जारी नोटिस किया है।

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Nov 17, 2022
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Bombay High Court

मुंबई में जल्द ही बीएमसी चुनाव होने वाले हैं। बॉम्बे हाईकोर्ट ने बीएमसी चुनावों में कुल सीटों को 236 से घटाकर 227 करने को चुनौती देने वाली याचिका पर महाराष्ट्र सरकार को नोटिस जारी किया हैं। एकनाथ शिंदे सरकार के अध्यादेश में सीटों की संख्या को घटाकर 227 कर दिया गया था। इसे शिवसेना (ठाकरे ) गुट के चुनौती दी थी। मुंबई की सियासी महाभारत में उद्धव ठाकरे अभिमन्यु की भूमिका अख्तियार करते नजर आ रहे हैं। आगामी बीएमसी (BMC) चुनाव में उनके खिलाफ वही लोग चक्रव्यूह रच रहे हैं जो कि कभी उनके साथ थे।

बीजेपी के साथ सत्ता संभालने के बाद सीएम शिंदे ने साल 2017 की तरह 227 सीटों पर चुनाव कराने का निर्णय लिया। इससे पहले उद्धव ठाकरे नीत महाविकास आघाडी सरकार ने मनपा सदन में सीटों की संख्या 236 तक बढ़ा दी थी। शिंदे सरकार के फैसले को उद्धव गुट के नगरसेवक राजू पेडणेकर ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट में अर्जी लगाने की हिदायत के साथ शीर्ष अदालत ने पेडणेकर की याचिका खारिज कर दी थी। यह भी पढ़े: Maharashtra: ED ने संजय राउत को फिर भेजा नोटिस, कल पूछताछ के लिए बुलाया

बता दें कि मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे, डिप्टी सीएम देवेंद्र फडणवीस और सीएम एकनाथ शिंदे के एक साथ आने से सियासी हलकों में खलबली मच गयी है। माना जा रहा है कि तीनों साथ मिलकर उद्धव की घेरेबंदी कर रहे हैं। तीनों की इस करीबी को अगले साल की शुरुआत में होने जा रहे मुंबई महानगरपालिका के चुनाव से जोड़ कर देखा जा रहा है। फडणवीस और शिंदे तो महाराष्ट्र की सत्ता में साझेदार है ही अब राज ठाकरे भी पिछले कुछ महीनों में दोनो के काफी करीब आ गए हैं। महाराष्ट्र के इन कद्दावर नेताओं के नजदीकी को उद्धव ठाकरे की घेरा बंदी समझा जा रहा है।

क्या होगा गठबंधन: बीजेपी और शिंदे की बालासाहेबांची शिव सेना की बारे में करीब ये तय हो चुका है कि दोनो बीएमसी का चुनाव एक साथ लड़ेंगे। राज ठाकरे ने अपनी पार्टी के कार्यकर्ताओं को स्वतंत्र तौर पर चुनाव की तैयारी करने के लिए कहा है, लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि बीजेपी या शिंदे के साथ उनका परोक्ष गठबंधन नहीं हो सकता। बीजेपी, राज ठाकरे की पार्टी का उपयोग मराठी वोटों के बंटवारे के लिए तो कर ही सकती है। बीजेपी के इस खेल से उद्धव ठाकरे को नुकसान हो सकता हैं। राज ठाकरे के पास फिलहाल खोने के लिए कुछ नहीं है. साल 2017 के बीएमसी चुनाव में उनके 7 पार्षद चुने गए थे, जिनमें से कि 6 शिव सेना में चले गए।

Updated on:
17 Nov 2022 02:56 pm
Published on:
17 Nov 2022 02:55 pm