
मधु का चौंकाने वाला खुलासा। (फोटो सोर्स: IMDb)
Madhoo Shah on Phool Aur Kaante Eve Teasing: 'रोजा' और 'फूल और कांटे' 'रोजा' और 'फूल और कांटे जैसी सदाबहार फिल्मों के लिए मशहूर अभिनेत्री मधु शाह ने हाल ही में IANS के साथ बातचीत में 'पेद्दी' विवाद के बाद फिल्मों में महिलाओं को दिखाए जाने के तरीके पर चल रही बहस पर बात की। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि 1991 की ब्लॉकबस्टर फ़िल्म 'फूल और कांटे' में छेड़छाड़ (ईव-टीज़िंग) को सही ठहराया गया था। उन्होंने माना कि अगर वही कंटेंट आज रिलीज किया जाता, तो सोशल मीडिया पर बहस चल रही होती।
IANS से बात करते हुए एक्ट्रेस मधु कहती हैं, "मेरे समय में, 'फूल और कांटे' फ़िल्म का पहला गाना ईव-टीज़िंग पर था। ये भी कहा कि उनके पहले 2 गाने सिर्फ ईव-टीजिंग के बारे में ही थे। जिसमें कॉलेज कैंपस में लड़के एक लड़की का पीछा कर रहे हैं, सीटी बजा रहे हैं, उसे परेशान कर रहे हैं और मैं इसे रोमांस के तौर पर देख रही हूं। हम सभी इसे रोमांस ही समझते थे। मुझे उस लड़के से प्यार हो गया जो मुझे छेड़ता और परेशान करता था। अगर आज कोई लड़का कॉलेज कैंपस में आपका पीछा करे और ये सब करे, तो इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा।"
इस बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि फिल्मों के नियम कितने बदल गए हैं। उन्होंने कहा, "उस समय रेप सीन आसानी से एक्सेप्ट कर लिए जाते थे, इसलिए वो लगभग हर फिल्म में शामिल किए जाते थे। उन पर कोई सवाल नहीं उठाया जाता था। असल में, रंजीत सर को 'रेप स्पेशलिस्ट' कहा जाता था। ऐसे सीन में खींचतान, संघर्ष और मारपीट दिखाई जाती थी। मैं भी ऐसे ही एक सीन का हिस्सा रही हूं।" इसके साथ ही एक्ट्रेस ने कहा, "आजकल फिल्मों में रेप सीन बहुत कम दिखाए जाते हैं। अगर दिखाए भी जाते हैं, तो उन्हें बहुत हल्के-फुल्के तरीके से पेश किया जाता है।"
मधू ने उस समय की पसंद और आज की उम्मीदों के बीच साफ अंतर बताया। उन्होंने कहा, "इसलिए, आज आप इसे किसी फिल्म में दिखा भी नहीं सकते, क्योंकि अगर आप इसे फिल्म में दिखाते हैं और दर्शक इसे पसंद करने लगते हैं, तो इससे जवान आदमियों को एक तरह की मजूरी मिल सकती है कि वो ऐसा कर सकते हैं। लेकिन, आप ऐसा नहीं कर सकते; ये रोमांस नहीं है, ये प्यार नहीं है, ये छेड़छाड़ है और उत्पीड़न है। फिर भी, 90 के दशक में यही चीज सबसे बड़ी हिट बनी थी, और मैं भी उस हिट फिल्म का हिस्सा रही हूं। लेकिन तब उसे ट्रोल नहीं किया गया था, बल्कि उसे एक बड़ी हिट माना गया था।"
अपनी बात खत्म करते हुए उन्होंने कहा, 'मैं बस यह कहना चाहती हूं कि हमारा सिनेमा हमारे समाज को दिखाता है। जैसे-जैसे समाज बदलता है, जैसे-जैसे बातचीत का तरीका बदलता है, फिल्मों में भी वो बदलाव दिखना चाहिए।"
राम चरण और जाह्नवी कपूर की फिल्म 'पेडी' के मेकर्स को हाल ही में काफी ट्रोलिंग का सामना करना पड़ा, क्योंकि कई दर्शकों को लगा कि इसमें जाह्नवी कपूर के किरदार को महज एक ऑब्जेक्ट की तरह दिखाया गया है। सोशल मीडिया पर हुए इस विरोध ने हिंदी सिनेमा में महिलाओं के साथ होने वाले दोगले व्यवहार पर एक बड़ी बहस छेड़ दी है। बता दें कि ये फिल्म 4 जून, 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी।
Updated on:
11 Jun 2026 05:16 pm
Published on:
11 Jun 2026 04:35 pm
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