जैसे ही वाजपेयी ने किंसान क्रेडिट कार्ड की आइडिया को सबसे पहली बार सुने तो उन्होंने बिना किसी सवाल-जवाब के इसके लिए आेके कह दिया।
नर्इ दिल्ली। भारत के दिग्गज नेता आैर भारतीय जनता पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक अटल बिहारी वाजपेयी आब हम सबके बीच नहीं रहे। पिछले 9 सप्ताह से अटल बिहारी वाजपेयी दिल्ली के एम्स (अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान) अस्पताल में भर्ती थे। भारत के आजादी के 72वीं सालगिरह वाले दिन पूरे देश को उस वक्त सबसे बड़ा झटका लगा जब ये खबर आर्इ की अटल बिहारी वाजपेयी की हालत बेहद ही नाजुक है आैर वो लाइफ सपोर्ट सिस्टम पर मौत को मात देने के लिए जंग लड़ रहे थे लेकिन आज शाम करीब 5 बजे उनकी माैत के बाद पूरा देश शोककुल हो गया। अटल बिहारी वाजपेयी कोर्इ आम नेता नहीं थे। अटल हमेशा से ही उन लोगों के नेता रहे जो इस देश की हाशिए पर रहने वाली आबादी रही है, फिर चाहे वो किसान हों, गरीब हों या फिर कोर्इ आैर पिछड़ा वर्ग। हम आज आपको एक एेसा ही वाकया बातने जा रहे हैं कि जब किसानों के लिए क्रेडिट कार्ड की बात समाने आर्इ तो बिना सोचे ही उन्होंने इसके लिए हामी भर दी थी।
जब बिना कुछ सवाल किए ही बोल दिय 'हां'
किसानों के लिए हमेशा से ही संवेदनशील रहे अटल बिहारी वाजपेयी देश के किसान वर्ग पर खास नजर रखते थे। ये वाकया तब का है जब किसान माेर्चा के उपाध्यक्ष नरेश सिरोही आैर हुक्मदेव नारायण सिंह पहली बार अटल बिहारी वाजपेयी के पास एक आइडिया लेकर गए थे। जैसे वाजपेयी ने ये सुना है कि ये लोग किसान क्रेडिट कार्ड को लेकर बात कर रहे हैं तो उन्होंने बिना सोचे ही इसके लिए हां कर दिया था। सिरोही ने एक वेबसाइट को दी जानकारी में बताया कि, जब उन्होंने वाजपेयी को बताया कि किसानों के पास नकदी की कमी की वजह से उनके पास खरीदारी के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ता है। ये किसान खरीदारी के लिए अपने गांव के दुकानदारों पर सबसे अधिक निर्भर रहते थे। यदि हम किसानों को क्रेडिट कार्ड देते हैं तो वाे आसानी से शहर में जाकर अपने मुताबिक खरीदारी कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि जैसे ही वाजपेयी ने इस आइडिया को सबसे पहली बार सुना तो उन्होंने बिना किसी सवाल जवाब के इसके लिए आेके कह दिया।
जैविक खेती से लेकर किसानों के लिए चैनल तक के लिए किया काम
किसानों की मदद करने आैर उनकी जिंदगी को बेहतर बनाने के लिए हमेशा से ही आगे रहने वाले पूर्व प्रधानमंत्री की ही देन है कि आज किसानों के लिए एक अलग चैनल है। किसान मोर्चा ने किसान चैनल की शुरु करने के लिए वाजपेयी को अपन प्रस्ताव भेजा था। वाजपेयी ने तो इस चैनल को शुरु करवा दिया था लेकिन बाद में कांग्रेस की सरकार ने इसे बाद में बंद कर दिया था। सिर्फ किसान चैनल ही नहीं वाजपेयी ने किसानों के लिए जैविक खेती को बढ़ावा देने को लेकर भी कर्इ बड़े काम किए थे।