टास्क फोर्स की रिपोर्ट के बाद डायरेक्ट टैक्स कोड लायेगी सरकार। 5-20 फीसदी स्लैब में आने वाले मिडिल क्लास को राहत की उम्मीद। कॉरपोरेट टैक्स में सरकार ने बजट में ही दी थी राहत।
नई दिल्ली। वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) लाने के बाद केंद्र सरकार अब प्रत्यक्ष कर में भी बड़े बदलाव करने की तैयरी में है। केंद्र सरकार फिलहाल इस टैक्स को संशोधन का नाम दे रही है, जिसमें टैक्स कम करने के साथ-साथ एसेसी पर अनुपलान का बोझ भी कम हो जायेगा।
नवंबर 2017 में सरकार ने इसके लिए एक टास्क फोर्स का गठन किया था। यह टास्क फोर्स अपने अंतिम चरण में है और आगामी 16 अगस्त 2019 को यह रिपोर्ट सरकार को सौंपेगी।
नए डायरेक्ट टैक्स कोर्ड में क्या हो सकते हैं बदलाव
नए टैक्स स्ट्रक्चर में सरकार इनकम टैक्स ( income tax ) और टैक्सेशन स्कोप को लेकर बदलाव करेगी ताकि 5-20 फीसदी स्लैब में आने वाले मिडिल क्लास को राहत मिल सके। 50,000 रुपये से अधिक के फैमिली पेंशन पर स्टैंडर्ड डिडक्शन में इजाफा किया जा सकता है। वहीं, सेना में काम कर चुके शख्स के लिए विकलांग पेंशन को इस टैक्स से छूट दी जायेगी। इनके अतिरिक्त बचत से संबंधित टैक्स छूट को लेकर भी बदलाव हो सकते हैं।
बजट में कॉरपोरेट टैक्स में कटौती का किया था ऐलान
गत 5 जुलाई को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अपने पहले बजट भाषण में 400 करोड़ से कम के सालाना इनकम वाले कंपनियों पर कॉरपोरेट टैक्स को 30 फीसदी से घटाकर 25 फीसदी कर दिया। पहले 250 करोड़ रुपये से अधिक के सालाना टर्नओवर वाली कंपनियों पर कॉरेपोरेट टैक्स 25 फीसदी था।
गत बुधवार को एक आधिकारिक बयान में केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (सीबीडीटी) ने कहा है कि टास्क फोर्स के कुछ नये सदस्यों को फिलहाल इस रिपोर्ट के लिए कुछ समय चाहिये। इसके बाद केंद्र सरकार ने यह रिपोर्ट सबमिट करने की अंतिम तारीख 16 अगस्त 2019 तय की है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार इस बात का जिक्र करती रही हैं कि डायरेक्ट टैक्स कोड पर सरकार काम कर रही है और बहुत जल्द इसे पेश किया जायेगा।