संतोष अग्रवाल, एसोसिएट डायरेक्टर एवं क्लस्टर हेड, लाइफ इंश्योरेंस, पॉलिसीबाज़ार.कॉम
नर्इ दिल्ली। टर्म इंश्योरेंस को आम तौर पर सबसे अच्छा बीमा उत्पाद माना जाता है। जैसा कि इसके नाम से ही जाहिर है, यह एक निश्चित अवधि की पॉलिसी होती है जो बेहद किफायती कीमत पर खरीदी जा सकती है। इसमें पॉलिसीधारक के आश्रित परिवारवालों को बड़ी आर्थिक सुरक्षा मिलती है। अगर परिवार का कोई सदस्य आर्थिक स्थिरता के लिए आपके ऊपर निर्भर है, तो यह बीमा पॉलिसी आपके पास ज़रूर होनी चाहिए। सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की कई कंपनियां टर्म प्लान की पेशकश करती हैं और इनमें से उपयुक्त पॉलिसी चुनने के लिए बड़ी वैरायटी उपलब्ध है।
इस तरह का लें टर्म प्लान
टर्म प्लान की कीमत के बारे में समझने के लिए हम एक 30 वर्षीय पुरुष का उदाहरण लेंगे, जो धूम्रपान नहीं करता है। इस व्यक्ति को 40 वर्ष की अवधि तक 1 करोड़ रुपये का कवर चाहिए। ऐसी पॉलिसी के लिए प्रीमियम सिर्फ रु. 834 प्रति महीने या फिर पूरे साल के लिए रु. 10,000 होगा। इसी विवरण वाली एक महिला के लिए पॉलिसी का खर्च और कम होगा। सबसे अच्छी बात यह है कि यह प्लान खरीदते वक्त जो प्रीमियम किश्त तय होती है, वह पॉलिसी की पूरी अवधि तक समान रहती है।
अपने परिवार के लिए उपर्युक्त प्लान खरीदें
बाज़ार में कई टर्म इंश्योरेंस उत्पाद मौजूद हैं और अलग-अलग बीमा कंपनियां थोड़ी अतिरिक्त कीमत लेकर इनके साथ अतिरिक्त लाभ भी देती हैं। यह अतिरिक्त लाभ राइडर्स या एड-ऑन के रूप में मिलते हैं, जो एक विशुद्ध टर्म प्लान के साथ खरीदे जा सकते हैं और इनके साथ आपका प्लान अधिक प्रभावशाली बन जाएगा। हालांकि, आपको यह सलाह दी जाती है कि एक ऐसा टर्म प्लान चुनें जो आपकी और आपके परिवार की ज़रूरतों के लिए उपयुक्त हो। इस बारे में फैसला करने के लिए आपको नीचे दी गई जानकारी से मदद मिलेगीः
सम एश्योर्ड
सबसे पहले आपको यह जानना होगा कि बीमा कंपनी द्वारा एक टर्म पॉलिसी के लिए मृत्यु लाभ राशि या सम एश्योर्ड के रूप में कितनी रकम दी जा रही है। चूंकि टर्म प्लान में पॉलिसीधारक की मृत्यु होने पर एक बड़ी एकमुश्त राशि का भुगतान किया जाता है, इसलिए आपके जाने के बाद यह राशि आपके आश्रितों का सहारा बनेगी। सम एश्योर्ड राशि आमतौर पर आपकी वर्तमान सालाना आमदनी की 10 से 20 गुना होती है और आपकी मृत्यु होने की स्थिति में यह पूरी राशि आपके द्वारा घोषित नॉमिनी को मिल जाती है।
पॉलिसी अवधि
एक व्यक्ति द्वारा जिस अवधि के लिए लाइफ कवर खरीदा जाता है उसे पॉलिसी का टर्म यानि पॉलिसी अवधि कहा जाता है। उदाहरण के लिए, अगर एक 30 वर्षीय व्यक्ति टर्म प्लान खरीदता है जिसकी परिपक्वता उसके 70 वर्ष की उम्र में पहुंचने पर होगी, तो इस पॉलिसी का टर्म यानि अवधि 40 साल होगी। अच्छा यही होता है कि कम उम्र में ही टर्म प्लान खरीदा जाए और उसके साथ एक लंबी अवधि चुनी जाए ताकि रिटायरमेंट की उम्र और उसके बाद भी कम प्रीमियम किश्त का फायदा मिलता रहे। अगर पॉलिसी अवधि के दौरान पॉलिसीधारक की मृत्यु हो जाती है, तो पूरा सम एश्योर्ड पॉलिसी में दर्ज नॉमिनी को दिया जाता है। इसकी मदद से होम लोन या कोई अन्य देनदारियां होने पर भी उनका भुगतान किया जा सकता है। अगर आप चाहें तो संपूर्ण जीवन वाले प्लान में भी निवेश कर सकते हैं। इसके तहत बीमा कंपनी आपके जाने के बाद आपके नॉमिनी को एक मृत्यु लाभ राशि प्रदान करेगी।
पॉलिसीधारक की उम्र
टर्म इंश्योरेंस का प्रीमियम कैलकुलेट करने में आपकी उम्र की निर्णायक भूमिका होती है। पॉलिसीधारक की उम्र जितनी कम होगी, उसके लिए उतनी अच्छी स्थिति रहेगी क्योंकि वो एक लंबी अवधि और कम प्रीमियम दरें हासिल कर सकते हैं। टर्म प्लान खरीदने के लिए 18 वर्ष उम्र होती है लेकिन सिर्फ वही व्यक्ति यह पॉलिसी खरीद सकता है जिसके पास एक स्थाई आमदनी हो। इसलिए यही सलाह दी जाती है कि जैसे ही आपको एक नियमित नौकरी मिल जाए या आप एक अच्छा व्यवसाय शुरू कर लें, तब जाकर जल्द से जल्द एक टर्म प्लान खरीद लें।
प्रीमियम
एक टर्म प्लान का चुनाव करते वक्त विभिन्न बीमा कंपनियों द्वारा पेश किये जाने वाले प्रीमियम की तुलना की जानी चाहिए और इस बारे में ध्यान से फैसला करना चाहिए। टर्म प्लान को प्रमुख रूप से इसलिए तैयार किया गया है कि इनसे आपके आश्रितों के लिए एक सुरक्षा पूंजी बनाई जा सके। ऐसे में आपको सिर्फ कम प्रीमियम राशि पर ध्यान नहीं देना चाहिए, बल्कि यह भी देखना होगा कि एक पॉलिसी के कौन से ऐसे फीचर हैं जो आपकी विशेष ज़रूरतों से मेल खाते हैं। दूसरे शब्दों में कहें तो आपको विशुद्ध टर्म प्लान की तुलना करनी चाहिए, कम प्रीमियम और लंबी अवधि पर फैसला करना चाहिए और फिर अपने लिए एक अच्छी व्यापक पॉलिसी बनाने के लिए एड-ऑन खरीदने चाहिए।