म्यूचुअल फंड

जमीन, सोना और बैंक से नहीं मिल रहा लाभ तो यहां करें निवेश, 4 साल में दोगुना हो जाएगा आपका रुपया

यदि आप सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए म्यूचुअल फंड्स में निवेश करते हैं तो आपको और अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है।

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Jul 16, 2018
Mutual Fund
जमीन, सोना और बैंक से नहीं मिल रहा लाभ तो यहां करें निवेश, 4 साल में दोगुना हो जाएगा आपका रुपया

नई दिल्ली। यदि आप जमीन, बैंक और सोने में निवेश कर रहे हैं और आपको अपने मनमुताबिक रिटर्न नहीं मिल रहा है तो आपको परेशान होने की जरूरत नहीं है। हम आपको बताने जा रही हैं एक एेसा तरीका जहां पर आप निवेश कर मात्र 4 साल में अपने रुपए को दुगुना कर सकते हैं। जीहां, आप सही समझे हैं। आप म्यूचुएल फंड में निवेश कर अच्छा रिटर्न पा सकते हैं। यदि आप सिस्टेमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) के जरिए म्यूचुअल फंड्स में निवेश करते हैं तो आपको और अच्छा रिटर्न मिलने की संभावना है। यही कारण है कि आज एसआईपी निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। पिछले दो सालों में एसआईपी के जरिए निवेश में लगातार बढ़ावा आ रहा है। जून 2018 में एसआईपी मई के मुकाबले 250 करोड़ रुपए की वृद्धि हुई है और यह बढ़कर 7553 करोड़ रुपए के साथ ऑलटाइम हाई पर पहुंच गया है।

एसआईपी में सालाना 40 फीसदी का रिटर्न संभव

बाजार के जानकारों के अनुसार इस समय म्यूचुअल फंड में एसआईपी के जरिए निवेश पर सबसे ज्यादा रिटर्न मिल रहा है। जानकारों के अनुसार एसआईपी करीब 40 फीसदी की सालाना दर पर रिटर्न दे रहे हैं। इस दर पर मिलने वाले रिटर्न से आपकी ओर से निवेश की गई राशि 4 साल में ही दोगुनी हो सकती है। जानकारों को अनुसार रियल एस्टेट, सोना और बैंक डिपॉजिट में रिटर्न की दर कम होने का कारण निवेशकों को एसआईपी खूब भा रहा है। खासकर रिटेल इन्वेस्टर एसआईपी में ज्यादा निवेश कर रहे हैं।

एसआईपी कलेक्शन में 53 फीसदी की बढ़ोत्तरी

लोगों के बीच एसआईपी लगातार तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इस कारण एसआईपी से कलेक्शन में मंथली और वार्षिक आधार पर वृद्धि देखी जा रही है। आंकड़ों के अनुसार एसआईपी का मंथली कलेक्शन मार्च 2016 के 2719 के मुकाबले जून 2018 में बढ़कर 7553 करोड़ रुपए पर पहुंच गया है। वित्त वर्ष 2017-18 का एसआईपी कलेक्शन 67190 करोड़ रुपए रहा है जो पिछले साल के 43921 करोड़ रुपए के मुकाबले 53 फीसदी ज्यादा है। एसआईपी कलेक्शन में बढ़ोत्तरी का एक कारण यह भी है कि निवेशक शॉर्ट टर्म के बजाए लॉन्ग टर्म के लिए निवेश कर रहे हैं।

Published on:
16 Jul 2018 02:29 pm