Sovereign Gold Bond Scheme की आखिरी किस्त बांड की कीमत 5,117 रुपए की गई तय Reserve Bank ने दस किस्तों में 2,316.37 करोड़ रुपए यानी 6.13 टन के गोल्ड बांड जारी किए
नई दिल्ली। आज से सॉवरेन स्वर्ण बॉन्ड स्कीम ( Sovereign Gold Bond Scheme ) की छठी और साल की आखिरी किस्त खुल चुकी है। भारतीय रिजर्व बैंक ( reserve bank of india ) की ओर से दिए बयान के अनुसार आखिरी किस्त की गोल्ड बांड की कीमत ( Gold bond Price ) 5,117 रुपए है। यह किस्त 31 अगस्त से 4 सितंबर तक जारी रहेगी। खास बात को इससे पहले आई पांचवी किस्त में गोल्ड बांड की कीमत करीब 200 रुपए महंगी थी। आरबीआई के अनुसार गोल्ड बांड की कीमत उसके पेश होने वाले सप्ताह से पिछले हफ्ते के अंतिम तीन कारोबारी दिन में 99.9 फीसदी शुद्धता वाले सोने की औसत बंद कीमत पर आधारित होती है। मौजूदा किस्त की गोल्ड बांड की कीमत की गणना 26 अगस्त से 28 अगस्त 2020 के औसत बंद भाव पर 5,117 रुपए प्रति ग्राम की गई है।
मिलती है 50 रुपए की छूट
अगर आप गोल्ड बांड के लिए डिजिटल भुगतान करते हैं तो प्रति ग्राम पर 50 रुपए की छूट मिलती है। जिसके बाद आपको गोल्ड बांड की प्रति ग्राम की कीमत 5,067 रुपए पड़ती है। इन गोल्ड बांड को रिजर्व बैंक द्वारा जारी किया जाता है। सरकाी ने सोने का आयात कम करने के उद्देश्य से नवंबर 2015 में इस योजना की शुरुआत की थी। वित्त वर्ष 2019-20 में रिजर्व बैंक ने दस किस्तों में कुल 2,316.37 करोड़ रुपए यानी 6.13 टन के गोल्ड बांड जारी किए है।
एक ग्राम से 500 ग्राम तक खरीदा जा सकता है गोल्ड बांड
गोल्ड बांड खरीदने की भी एक सीमा है। एक फाइनेंशियल ईयर में एक व्यक्ति एक ग्राम गोल्ड बांड से लेकर 500 ग्रांम गोल्ड बांड खरीद सकता सकता है। बॉन्ड जारी होने के पखवाड़े के अंदर स्टॉक एक्सचेंजों पर तरलता के अधीन हो जाते हैं। इसकी खास बात यह है कि निवेशक को सोने के भाव बढऩे का लाभ तो मिलता ही है। साथ ही उन्हें इन्वेस्टमेंट मूल्य पर 2.5 फीसदी का गारंटीड फिक्स्ड ब्याज भी मिलता है।
टैक्स सेविंग का भी फायदा
- बॉन्ड्स की अवधि आठ साल की होती है।
- 5वें साल के बाद ही प्रीमैच्योर विड्रॉल किया जा सकता है।
- 3 साल के बाद लांग टर्म कैपिटल गेन टैक्स लगेगा
- बांड लोन के लिए इसका उपयोग कर सकते हैं।
- स्कीम में निवेश करने पर आप टैक्स बचा सकते हैं।