
नागौर. नागौर पुलिस ने 13 माह पुराने एक ब्लाइंड मर्डर का पर्दाफाश करते हुए आरोपी पति को गिरफ्तार किया है। नागौर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशाराम चौधरी के निर्देशन में की गई कार्रवाई में सामने आया कि आरोपी ने अपनी पत्नी की हत्या कर उसे आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया था। पुलिस की बेहतर फील्ड इंटेलिजेंस, तकनीकी अनुसंधान और साक्ष्य संकलन के आधार पर मामले का खुलासा हुआ।
फंदे पर लटकाकर बनाया आत्महत्या का दृश्य
एएसपी चौधरी ने बुधवार को पत्रकार वार्ता में बताया कि 8 अप्रेल 2025 की रात को खींवसर क्षेत्र के बेरावास स्थित एक चूना भट्टे पर रहने वाले चन्द्रिका साहनी ने अपनी पत्नी गिरजा देवी की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद उसने शव को साड़ी के फंदे से छत के पंखे पर लटकाकर आत्महत्या का दृश्य बनाया, ताकि पुलिस और परिजनों को गुमराह किया जा सके। खींवसर थाना पुलिस ने भी आत्महत्या मानते हुए मामला ठंडे बस्ते में डाल दिया।
आईजी के निर्देश पर हुई दुबारा जांच
मामले में मृतका के पुत्र मिथन कुमार ने 9 अप्रेल 2025 को रिपोर्ट दी थी। प्रारंभिक जांच में इसे आत्महत्या मानते हुए मर्ग दर्ज किया गया था। बाद में 7 अप्रेल 2026 को नागौर के वार्षिक निरीक्षण के दौरान अजमेर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक राजेन्द्रसिंह ने खींवसर थाने के पेंडिंग मर्गों की गहनता से जांच करने के लिए नागौर वृत्ताधिकारी प्रशिक्षु आईपीएस जतिन जैन व खींवसर थानाधिकारी प्रशिक्षु आईपीएस अदिति उपाध्याय को निर्देश दिए। आईपीएस उपाध्याय ने गहनता से विश्लेषण किया तो पोस्टमार्टम और एफएसएल रिपोर्ट में सामने आया कि महिला की मौत फांसी से नहीं बल्कि गला घोंटने से हुई थी।
अवैध संबंधों के संदेह में की पत्नी की हत्या
इसके बाद थाना खींवसर में हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने गुजरात के राजकोट से आरोपी पति चन्द्रिका साहनी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसे पत्नी के किसी अन्य व्यक्ति से अवैध संबंध होने का संदेह था। इसी आशंका के चलते उसने वारदात को अंजाम दिया और साक्ष्य छिपाने के लिए आत्महत्या का नाटक रचा। गिरफ्तार आरोपी से आगे की पूछताछ और अनुसंधान जारी है।
जांच अधिकारी के खिलाफ होगी जांच
एएसपी चौधरी ने बताया कि मर्ग की जांच में पूर्व में जांच अधिकारी स्तर पर बरती गई लापरवाही को लेकर प्रशिक्षु आईपीएस जतिन जैन जांच कर रहे हैं। गौरतलब है कि खींवसर थाना के एक और हत्या के मामले को दुर्घटना बताकर मर्ग दर्ज किया गया था, जिसका आईपीएस अदिति उपाध्याय ने जांच कर कुछ दिनों पूर्व ही ब्लाइंड मर्डर का खुलासा किया था। दोनों ही मामलों में जांच अधिकारी स्तर पर बरती गई लापरवाही की जांच की जा रही है।