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नागौर…प्रतापसागर सागर तालाब का बदलेगा चेहरा: फ्लोटिंग फाउण्टेन एवं जिम के साथ होगा इसका कायाकल्प

नागौर. शहर के ऐतिहासिक प्रतापसागर तालाब का अमृत 2.0 योजना के तहत व्यापक विकास किया जाएगा। करीब 2 करोड़ रुपए की लागत से तालाब क्षेत्र का सौंदर्यीकरण कर इसे आधुनिक सुविधाओं से जोड़ा जाएगा। परियोजना में फ्लोटिंग फाउंटेन, ओपन जिम, आकर्षक बगीचा, बच्चों के लिए खेल क्षेत्र, बैठने की व्यवस्था और सैर मार्ग विकसित किए जाएंगे। साथ ही हरित क्षेत्र बढ़ाने और पर्यटकों को आकर्षित करने पर भी जोर रहेगा। योजना पूरी होने के बाद प्रतापसागर तालाब शहरवासियों के लिए मनोरंजन, स्वास्थ्य और पर्यटन का प्रमुख केंद्र बनकर उभरेगा तथा इसकी ऐतिहासिक पहचान को नया स्वरूप मिलेगा।
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Jun 23, 2026
नागौर. प्रतापसागर तालाब का ऐसे निखरेगा स्वरूप
नागौर. प्रतापसागर तालाब को निखारने का खाका तैयार

प्रतापसागर सागर तालाब का बदलेगा चेहरा: फ्लोटिंग फाउण्टेन एवं जिम के साथ होगा इसका कायाकल्प
अमृत 2.0 योजना के तहत ऐतिहासिक तालाब को मिलेगा नया स्वरूप, फव्वारा, बगीचा, सैर मार्ग और बच्चों के खेल क्षेत्र होंगे विकसित
नागौर. नया दरवाजा स्थित ऐतिहासिक प्रताप सागर तालाब का नक्शा अब पूरी तरह बदलने जा रहा है। नगर परिषद नागौर की 1 करोड़ 68 लाख 28 हजार 741 रुपये की महत्वाकांक्षी योजना पर काम धरातल पर उतर चुका है। । इसके बाद पांच वर्ष तक तालाब का संधारण भी कंपनी ही करेगी। इस योजना के सलाहकार धरा इंजीनियरिंग सलाहकार हैं जिनकी 22 जून 2026 की रेखाचित्र के आधार पर पूरा काम हो रहा है। इसमें तालाब के घाट, हरियाली, हरियालीयुक्त नहर के साथ कसरतशाला आदि का निर्माण कराया जाएगा। इसके बनने के बाद प्रतापसागर तालाब एवं इसके इसके पार्क का पूरा स्वरूप ही बदल जाएगा।
नहर का निर्माण शुरू
शहर के ऐतिहासिक प्रताप सागर तालाब के जल संरक्षण एवं कायाकल्प पर करीब 2 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। नगर परिषद नागौर ने अमृत 2.0 योजना के तहत तालाब के पुनर्जीवन और विकास का विस्तृत प्रस्ताव तैयार किया है। परियोजना का उद्देश्य तालाब की जलधारण क्षमता बढ़ाने, भूजल संरक्षण को मजबूत करने और इसे शहर के प्रमुख पर्यटन एवं मनोरंजन स्थल के रूप में विकसित करना है। इसके अनुसार काम भी शुरू कर दिया गया है। अभी फिलहाल इसकी चारदीवारी के साथ ही बरसात के पानी की आवक के लिए नहर का निर्माण कराया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि इसमें जमा हुआ गंदा पानी निकाला जा रहा है। इसके निकलने के बाद तालाब को और गहरा करने के साथ ही इसकी गंदगी आदि निकालकर इसको पूरी तरह से व्यवस्थित कर दिया जाएगा।

2 करोड़ की योजना, 1.68 करोड़ में हुआ अनुबंध
नगर परिषद द्वारा तैयार लागत विवरण में परियोजना की अनुमानित लागत 2 करोड़ रुपये दर्शाई गई है। वहीं कार्य का अनुबंध लगभग 1.68 करोड़ रुपये में स्वीकृत किया गया है। इसमें निर्माण कार्य के साथ पांच वर्ष का संचालन एवं रखरखाव भी शामिल है। योजना के तहत तालाब की सफाई और गाद निकासी की जाएगी। इससे वर्षों से जमा गाद हटेगी और बरसाती पानी के संग्रहण की क्षमता बढ़ेगी। जल संरक्षण को परियोजना का मुख्य आधार बनाया गया है।

पत्थर की पाल और सुरक्षा दीवार बनेगी
तालाब की पाल को मजबूत बनाने के लिए पत्थर की पिचिंग की जाएगी। इसके अलावा सुरक्षा दीवार, जल निकासी व्यवस्था और पानी को सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक संरचनात्मक कार्य किए जाएंगे, ताकि बरसात में कटाव रोका जा सके।

फव्वारा, बगीचा और सैर मार्ग बनेंगे आकर्षण
परियोजना में तालाब के बीच तैरता फव्वारा लगाया जाएगा। आसपास हरित क्षेत्र विकसित किया जाएगा। ढाई मीटर चौड़ा सैर मार्ग, विश्राम स्थल और आकर्षक उद्यान तैयार किए जाएंगे, जिससे यह क्षेत्र नागरिकों के लिए नया आकर्षण बनेगा।

बच्चों के खेल क्षेत्र और खुली कसरतशाला
परियोजना में बच्चों के लिए झूले और अन्य खेल उपकरण लगाए जाएंगे। युवाओं और बुजुर्गों के लिए खुली कसरतशाला विकसित की जाएगी। इससे प्रताप सागर क्षेत्र परिवारों के लिए मनोरंजन का प्रमुख केंद्र बन सकेगा।

पौधरोपण और सिंचाई व्यवस्था पर भी जोर
तालाब क्षेत्र में बड़े स्तर पर पौधरोपण किया जाएगा। उद्यानों के रखरखाव के लिए सिंचाई व्यवस्था विकसित होगी। साथ ही विद्युत व्यवस्था और सौंदर्यीकरण कार्य भी प्रस्तावित हैं।

शहर को होंगे कई फायदे
प्रताप सागर के विकास से वर्षा जल संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा, भूजल स्तर सुधारने में मदद मिलेगी, शहर में हरियाली बढ़ेगी और लोगों को सैर, मनोरंजन तथा स्वास्थ्य गतिविधियों के लिए नया स्थान मिलेगा। साथ ही यह क्षेत्र भविष्य में पर्यटन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण बन सकता है।

प्रमुख कार्य एक नजर में……..
-तालाब की गाद निकासी और सफाई
-जल संरक्षण एवं जलधारण क्षमता में वृद्धि
-पत्थर की पिचिंग और सुरक्षा दीवार
-तैरता फव्वारा
-उद्यान और हरित क्षेत्र विकास
-ढाई मीटर चौड़ा सैर मार्ग
-बच्चों का खेल क्षेत्र
-खुली कसरतशाला
-पौधरोपण और सिंचाई व्यवस्था
--विद्युत एवं सौंदर्यीकरण कार्य
विश्राम स्थल और पार्किंग सुविधा

प्रतापसागर तालाब का कायाकल्प हो जाएगा…..
प्रतापसागर तालाब प्रोजेक्ट पर काम शुरू हो गया है। इसमें पूरे दो करोड़ का प्रोजेक्ट है। इसके तहत तालाब के घाट, हरियाली सहित कई चीजों का निर्माण कराया जाएगा। बरसाती पानी की आवक के लिए अलग से नहर भी बनाई जा रही है। काम पूरा होने के बाद तालाब व इसके पार्क का कायाकल्प हो जाएगा।
गोविंद सिंह भींचर, आयुक्त, नगरपरिषद नागौर

Published on:
23 Jun 2026 09:50 pm