
नागौर. प्रदेश का सबसे बड़ा पशुमेला रामदेव पशुमेला 18 जनवरी को पशुप्रदर्शनी स्थल पर विधिवत रूप से आरम्भ होगा। मेले में आने वाले पशुपालकों के लिए जिला प्रशासन की ओर से अब तक बिजली व्यवस्था सहित अन्य आवश्यक प्रबन्ध नहीं किए गए हैं। मेले में पशु लेकर पहुंचे पशुपालक इस बदइंजामी से हैरान रहे। पशु पालकों की समस्याओं के निराकरण के लिए मेला मैदान में कोई भी अधिकारी नजर नहीं आया। इससे जिम्मेदारों की मेले के प्रति गंभीरता का अंदाजा लगाया जा सकता है। पशुपालकों का पहुंचना मंगलवार से शुरू हो गया।
उन्नत नस्ल की गाय, भैंस एवं सांड के साथ पहुंचे पालक मेले में पशुओं को निश्चित स्थान पर व्यवस्थित करने में लगे रहे। अभी केवल गाय, सांड एवं भैंस ही मेले में पहुंची हैं । पशुपालन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि अभी मेला विधिवत शुरू नहीं हुआ है। मेला शुरू होने तक अपेक्षित संख्या में पशुओं के आने की संभावना है। इसके लिए व्यवस्थाएं लगभग पूरी चुकी है। शेष को भी जल्द ही पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारियों के दावों से इतर मेला शुरू होने के पहले ही पशुपालक दोपहर में करीब एक बजे से पहुंचने लगे। शाम तक करीब आठ से दस पशुपालक अपने-अपने पशुओं के साथ मेला स्थल पर पहुंच चुके थे। मेला स्थल पर विद्युत व्यवस्था नहीं थी। लाइट आदि तो लगा दी गई, लेकिन विद्युत कनेक्शन नहीं होने के कारण पालकों को रात्रि में भोजन बनाने व सोने में भय सताने लगा। पशुपालकों का कहना था कि समस्या बताने के लिए पूरे मैदान पशुपालन विभाग के अधिकारियों की तलाश की, लेकिन कहीं कोई नहीं मिला। गौरतलब है कि जिला कलक्टर के साथ पशुपालन सहित अन्य विभागों के अधिकारियों की हुई बैठक में जिला कलक्टर ने मेला शुरू होने से पूर्व ही समस्त व्यवस्थाओं को पूर्ण किए जाने के निर्देश दिए थे। विभागीय प्रमुखों ने भी हां में हां मिलाते हुए तैयारियां समय से पहले ही पूरे कर लिए जाने के दावे किए थे। अब मेला शुरू होने में महज चंद घंटे रह गए हैं। इसके बाद भी मैदान में न केवल कंटीली झाडिय़ां उगी हुई हैं, बल्कि बिजली सहित अन्य व्यवस्थाएं भी अधिकारियों की चुस्त-दुरुस्त कार्यशैली की कलई खुद-ब-खुद खोलती हुई नजर आने लगी हैं।