पत्रिका की खबर के बाद निदेशालय पशुपालन विभाग ने जारी किए आदेश, दवाइयों की उपलब्धता और वाहनों के रखरखाव सुनिश्चित करने के निर्देश
नागौर. प्रदेश में संचालित हो रही 536 मोबाइल पशु चिकित्सा इकाइयों (एमवीयू) में तैनात डॉक्टर सहित एलएसए व ड्राइवर की अब दिन में दिन बार हाजिरी होगी और वो भी जीओ टैग फोटो के साथ। विभाग के निदेशक डॉ. सुरेश चन्द मीना की ओर से जारी आदेश में कहा गया कि अब एमवीयू स्टाफ की प्रतिदिन सुबह 9 बजे, दोपहर 1 बजे और शाम 4 बजे जीओ-टैग फोटो ली जाएगी, जिसे जिला स्तर पर संधारित किया जाएगा। साथ ही संचालनकर्ता फर्मों के बिल भी अब स्टाफ की वास्तविक उपस्थिति के आधार पर प्रमाणित कर भुगतान के लिए भेजे जाएंगे।
गौरतलब है कि राजस्थान पत्रिका ने 19 मई के अंक में ‘हवा में घूम रही यूनिट, करोड़ों का बन रहा बिल’ शीर्षक से खबर प्रकाशित कर एमवीयू के फर्जीवाड़े को उजागर किया था। खबर प्रकाशित होने के बाद पशुपालन विभाग हरकत में आया और प्रदेश में संचालित सभी 536 मोबाइल वेटेनरी यूनिट (एमवीयू) के स्टाफ की दिन में तीन बार जीओ-टैग फोटो के साथ हाजिरी अनिवार्य कर दी। दरअसल, पत्रिका ने अपने खुलासे में बिना पशु चिकित्सक के पशुओं के उपचार, कागजों में यूनिट संचालन के साथ वैन के स्टाफ की मॉनिटरिंग के लिए जीओ टैग की व्यवस्था नहीं होने के मामले उजागर किए थे। इसके बाद विभाग ने सख्त रुख अपनाते हुए कार्रवाई शुरू कर दी है।
प्रदेश की सभी 536 एमवीयू का एक साथ करवाया निरीक्षण
विभाग के निदेशक डॉ. सुरेशचन्द मीना ने सभी संयुक्त निदेशक एवं उप निदेशकों को आदेश जारी करते हुए प्रदेश की सभी 536 मोबाइल वेटेनरीयूनिट्स का बुधवार को एक साथ औचक निरीक्षण भी करवाया। विभाग ने स्पष्ट निर्देश दिए कि एमवीयू में कार्यरत स्टाफ की उपस्थिति, दवाइयों की उपलब्धता तथा वाहनों के रखरखाव की जांच विभागीय नोडल अधिकारियों से करवाई जाए और उसकी रिपोर्ट निदेशालय को भेजी जाए।
औचक निरीक्षण करवाया है
राजस्थान पत्रिका में खबर छपने के बाद हमने खजवाना वाले मामले की जांच करवाई, जिसमें डॉक्टर की अनुपस्थिति पाई गई, इसके लिए उस दिन एमवीयू को ऑफ रोड रखने की कार्रवाई कर दी है। साथ ही फर्म को नोटिस देकर जवाब मांगा गया है। इसके साथ प्रदेश की सभी 536 एमवीयू का हमने बुधवार को विभागीय नोडल अधिकारियों से औचक निरीक्षण करवाया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. हेमंत पंत, एमवीयू प्रभारी, निदेशालय, पशुपालन विभाग, जयपुर