खड़ी मालगाड़ी से इंजन टकराया, पटरी से उतरा, कोई हताहत नहीं, पांच ट्रेनें अटकी, यात्रियों को बसों से भेजा बीकानेर, सुरपुरा-देशनोक के बीच की घटना।
बीकानेर/नागौर. मंगलवार दोपहर को बीकानेर से नोखा की ओर रवाना हुई मालगाड़ी का इंजन देशनोक-सूरपुरा रेल मार्ग पर फेल हो गया। इसको लाने के लिए सूरपुरा में खड़ी एक सवारी गाड़ी का इंजन भेजा गया जो मालगाड़ी के इंजन से टकराकर पटरी से उतर गया। इसके बाद इस रेल मार्ग पर करीब छह घंटे तक रेल यातायात बाधित रहा। इस कारण पांच ट्रेनें प्रभावित हुई। बीकानेर से दादर जाने वाली ट्रेन को देशनोक से बीकानेर बुलाकर उसे फलौदी के रास्ते रवाना किया गया। जो ट्रेनें अटकी थी उनके यात्रियों को रेलवे ने बसों से बीकानेर भेजा। सूचना मिलने पर उत्तर पश्चिम रेलवे जोधपुर मंडल के रेल अधिकारी मौके पर पहुंच गए। इंजन को पटरी पर लाने के लिए बीकानेर से क्रेन भेजी गई।
शटिंग के दौरान पटरी से उतरा
उत्तर पश्चिम रेलवे जोधपुर मंडल के जन सम्पर्क अधिकारी गोपाल शर्मा के अनुसार बीकानेर से चलकर नोखा की ओर जा रही एक मालगाड़ी का इंजन दोपहर करीब 2.40 बजे देशनोक-सूरपुरा के बीच खराब हो गया। इसकी सूचना मिलने पर समीप के स्टेशन सूरपुरा में खड़ी सवारी गाड़ी जयपुर-सूरतगढ़ ट्रेन के इंजन को मालगाड़ी को लाने के लिए भेजा गया इस दौरान शटिंग करते समय सुरपुरा से आया इंजन मालगाड़ी के इंजन से टकराया और पटरी से उतर गया।
पांच ट्रेनें अटकी रही
रेलवे ट्रेक बाधित होने के कारण पांच ट्रेनें प्रभावित हुए। इन ट्रेनों को अलग-अलग स्टेशनों पर रोक दिया गया। जानकारी के अनुसार बीकानेर-दादर ट्रेन को देशनोक में ही रोक दिया गया। वहीं जयपुर-सूरतगढ़ ट्रेन को सूरपुरा में खड़ा कर दिया गया। इसके अलावा बांद्रा से चलकर बीकानेर आने वाली रणकपुर एक्सप्रेस ट्रेन को नोखा में, बाड़मेर-हरिद्वार को देशनोक और हावड़ा से चलकर बीकानेर आने वाली ट्रेन जो कि रोजाना सुबह साढ़े आठ बजे बीकानेर आती है, मंगलवार को लेट होने के कारण नोखा में ही रोक दिया।
दादर को वाया फलौदी भेजा
बीकानेर से दोपहर 1.20 बजे दादर के लिए ट्रेन रवाना हुई थी, जिसे देशनोक में रोक दिया गया। घंटों तक याताया प्रभावित रहने के कारण उस ट्रेन को वापस बीकानेर लाया गया। यहां से इस ट्रेन को फलौदी के रास्ते दादर के लिए रवाना किया गया।
यात्रियों के लिए लगाई बसें
घंटों तक रेल यातायात प्रभावित रहने के कारण यात्रियों को परेशानी उठानी पड़ी। इसको देखते हुए रेलवे ने 13 बसें लगाई। इनके जरिए यात्रियों को बीकानेर पहुंचाया गया।