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Nagaur patrika news…बच्चों की हंसी पर भारी पड़ रहा असुरक्षा का साया, टूटते झूले, देर रात तक शरारती तत्वों का जमावड़ा

शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों में शामिल नेहरू उद्यान इन दिनों अव्यवस्था, असुरक्षा और लापरवाही की तस्वीर बनता जा रहा है।
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नागौर

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Sharad Shukla

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Updated: 21 May 2026, 10:01 PM IST

नागौर. नगरपरिषद के बगल में स्थित नेहरू उद्यान

नागौर. नगरपरिषद के बगल में स्थित नेहरू उद्यान

नागौर. एक ओर नगरपरिषद पार्क में झूलों की मरम्मत कराकर बच्चों के लिए सुविधाएं बहाल करने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा इंतजामों के अभाव में असामाजिक तत्व पूरे माहौल को बिगाड़ रहे हैं। देर रात तक पार्क में डेरा जमाने वाले शरारती तत्व न केवल झूलों और संसाधनों को नुकसान पहुंचा रहे हैं, बल्कि गंदगी फैलाने से भी नहीं चूक रहे। इसके चलते बच्चों के साथ आने वाले अभिभावकों, खासकर महिलाओं, को असहज होकर पार्क छोडऩा पड़ रहा है। वहीं आंधी में क्षतिग्रस्त बिजली पोल, गिरे पेड़ और पार्क में घूमते लावारिश पशुओं ने भी हालात और खराब कर दिए हैं। लोगों का कहना है कि बच्चों के खेलने का यह स्थान अब पार्क कम और चरागाह ज्यादा नजर आने लगा है।
शाम ढलते ही बदल जाता है पार्क का माहौल
स्थानीय लोगों के अनुसार शाम तक बच्चों और परिवारों से गुलजार रहने वाला पार्क रात होते-होते असुरक्षित महसूस होने लगता है। सुरक्षा गार्ड या निगरानी व्यवस्था प्रभावी नहीं होने के कारण कई युवक देर रात तक पार्क परिसर में बैठे रहते हैं। कई बार यहां शोर-शराबा, अभद्र व्यवहार और गंदगी की स्थिति बन जाती है। परिवारों का कहना है कि बच्चों के साथ लंबे समय तक पार्क में रुकना मुश्किल हो गया है। महिलाओं ने भी पार्क के माहौल को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि शहर में सुरक्षित सार्वजनिक स्थान सीमित हैं, ऐसे में नेहरू उद्यान जैसे प्रमुख पार्क में बेहतर निगरानी और सुरक्षा जरूरी है।
झुका बिजली पोल और गिरा पेड़ बना खतरा
गत दिनों आई तेज आंधी में पार्क परिसर का बिजली पोल उखडकऱ एक ओर झुक गया था। पोल अब भी उसी स्थिति में खड़ा है। पोल के पास ही बच्चों के खेलने के उपकरण लगे हुए हैं, जिससे हादसे की आशंका बनी हुई है। इसके अलावा आंधी में गिरा पेड़ भी अब तक पार्क से नहीं हटाया गया है। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते इन्हें नहीं हटाया गया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है।
पार्क में घूमते गाय-सांड बढ़ा रहे परेशानी
पार्क परिसर में शरारती तत्वों के साथ ही लावारिश पशुओं की भी आवाजाही लगातार बढ़ती जा रही है। कई बार मवेशी बच्चों के झूलों और बैठने वाली जगहों तक पहुंच जाते हैं। इससे गंदगी फैलने के साथ बच्चों की सुरक्षा को लेकर चिंता भी बढ़ रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस पार्क में बच्चे खेलते हैं, वहां खुलेआम मवेशियों का घूमना व्यवस्था पर सवाल खड़े करता है। लोगों ने पार्क में मवेशियों की एंट्री रोकने की मांग की है।
असहज स्थिति का करना पड़ता है सामना
शाम के समय बच्चों को लेकर पार्क पहुंचे स्थानीय निवासी रमेश शर्मा, पूजा चौधरी, महावीर सिंह, अंजू व्यास, दीपक सोनी, नरेश कच्छावा और सीमा पुरोहित ने बताया कि पार्क में देर रात तक शरारती तत्वों का जमावड़ा लगा रहता है। कई बार अभद्र व्यवहार और शोर-शराबे की स्थिति बन जाती है, जिससे परिवारों और महिलाओं को असहज होकर वापस लौटना पड़ता है। लोगों का कहना है कि नगरपरिषद को पार्क में सुरक्षा गार्ड लगाने, नियमित निगरानी बढ़ाने, क्षतिग्रस्त बिजली पोल हटाने और मवेशियों की एंट्री रोकने के लिए जल्द प्रभावी व्यवस्था करनी चाहिए।
कार्रवाई कराई जाएगी…
मेरे संज्ञान में अब तक यह मामला नहीं आया था। इस संबंध में पार्क की स्थिति देखवाता हूं, कोई पार्क में नुकसान पहुंचा रहा है, या फिर सामान्य स्थिति को खराब करने का प्रयास कोई कर रहा है तो कार्रवाई कराई जाएगी।
गोविंद सिंह भींचर, कार्यवाहक आयुक्त नगरपरिषद नागौर