सरपंच को पुलिस बचाकर ले गई, करणी सेना ने थाने में दर्ज कराई शिकायत
नागदा. बुधवार शाम को बस स्टैंड क्षेत्र में उस समय हंगामा खड़ा हो गया। जब सांसद चिंतामणि मालवीय द्वारा पिछले दिनों दिए गए सुप्रीम कोर्ट के जजों के खिलाफ विवादित बयान को लेकर करणी सेना के कार्यकर्ता विरोध प्रर्दशन कर रहे थे।
दरअसल इसी दौरान एक युवक जो ग्राम पंचायत गुराडिय़ा पित्रामल का सरपंच बताया गया है। उसने वहां मौजूद करनी सेना के कार्यकर्ताओं के साथ गाली-गलौच करते हुए पाकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाना शुरू कर दिया। फिर क्या था देखते ही देखते माहौल गरमा गया और वहां मौजूद करनी सेना के कार्यकर्ताओं ने सरपंच की जोरदार पिटाई कर दी।
गनीमत यह रही की मौके पर पहले से ही पुलिस बल मौजूद था, जिन्होंने नारे लगाने वाले सरपंच जिसका नाम भेरू बताया गया है उसे मारपीट कर रही भीड़ की चुगंल से बचाकर अपने साथ थाने ले गई, नहीं तो बड़ी घटना हो सकती थी। इधर घटना को लेकर करणी सेना ने सरपंच के खिलाफ थाने में शिकायत दर्ज करवाई है।
रैली निकाल कर भारत बंद का किया समर्थन
करणी सेना ने बुधवार को आरक्षण एवं एट्रोसिटी एक्ट के खिलाफ रखा गया भारत बंद का समर्थन करने की घोषणा करते हुए व्यापारियों एवं नागरिकों को बंद में सहयोग देने का अनुरोध किया है, जिसको लेकर करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने शहर में बाइक रैली भी निकाली। कार्यकर्ताओं के हाथों में आरक्षण हटाओं एवं एसी/एसटी एक्ट को वापस लेने की मांग की तख्तियां थी।
पुलिस के साथ हुई छीनाछपटी
बुधवार को सांसद के बयान के विरोध मे करणी सेना के कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड पर एकत्रित होकर सांसद का पुतला लेकर विरोध प्रर्दशन कर रहे थे। इसी दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मियों और सेना के बीच पुतले को लेकर छीनाछपटी हुई। हालांकि पुलिस सांसद के पुतले को विरोध प्रर्दशन कर रहे कार्यकर्ताओं से छिनने में सफल हुई। कार्यकर्ताओं ने इस मौके पर सासंद मालवीय के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर अपने विवादित बयान पर माफी मांगने और आरक्षण को समाप्त करने की मांग की है।