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खरसोद कला में पंचदिवसीय हवन यज्ञ का भव्य समापन, निकली भव्य गंगाजल यात्रा

श्रद्धालुओं की उमड़ी भीड़, जयघोष से गूंजा गांव पूर्णाहुति के साथ वातावरण हुआ आध्यात्मिक ऊर्जा से ओत-प्रोत

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बड़नगर। ग्राम खरसोद कला में आयोजित पंचदिवसीय हवन यज्ञ का शुक्रवार को विधि-विधान, श्रद्धा और भक्ति के साथ भव्य समापन हुआ। समापन अवसर पर निकाली गई गंगाजल यात्रा ने पूरे गांव को धार्मिक रंग में रंग दिया। इस आयोजन में गांव सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्साह का वातावरण बना रहा। आयोजन का उद्देश्य समाज में धार्मिक चेतना का प्रसार और सामूहिक आस्था को मजबूत करना रहा।

गंगाजल यात्रा ने बनाया भक्तिमय माहौल

समापन दिवस की शुरुआत गंगाजल यात्रा से हुई, जो छतरी मंदिर चौक से प्रारंभ होकर शीतला माता मंदिर तक पहुंची। यात्रा में शामिल श्रद्धालु भक्ति गीतों, ढोल-नगाड़ों और जयघोष के साथ आगे बढ़ते रहे। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मार्ग में कई स्थानों पर ग्रामीणों ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया, जिससे आयोजन की भव्यता और अधिक बढ़ गई। पूरे मार्ग में “हर-हर महादेव” और अन्य धार्मिक जयघोष गूंजते रहे, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया।

वैदिक विधि से पूर्णाहुति, आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार

गंगाजल यात्रा के पश्चात हवन कुंड में वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूर्णाहुति दी गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने आहुति देकर धर्मलाभ अर्जित किया। पूर्णाहुति के समय पूरा वातावरण आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण हो गया। कार्यक्रम में उपस्थित आचार्य विष्णु प्रसाद तिवारी ने कहा कि हवन यज्ञ से उत्पन्न सकारात्मक ऊर्जा समाज, गांव और देश की सुख-समृद्धि के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने बताया कि ऐसे धार्मिक आयोजन व्यक्ति को मानसिक शांति प्रदान करते हैं और समाज में सकारात्मकता का संचार करते हैं।

युवाओं की भागीदारी से मिला एकता और संस्कारों का संदेश

आयोजन से जुड़े अभिषेक शुक्ला ने बताया कि यह पंचदिवसीय हवन यज्ञ प्रतिवर्ष आयोजित किया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य समाज को धर्म से जोड़ना और युवा पीढ़ी में संस्कारों का संचार करना है। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजनों से गांव में आपसी भाईचारा, सहयोग और सामाजिक समरसता को बढ़ावा मिलता है। इस पूरे आयोजन का संचालन बाल गणेश मंडल द्वारा किया गया, जिसमें ग्राम के युवाओं, श्रद्धालुओं और समस्त ग्रामवासियों ने सक्रिय भूमिका निभाई। आयोजन को सफल बनाने में समिति के सदस्यों और ग्रामीणों का विशेष योगदान रहा। समापन अवसर पर पूरे गांव में भक्ति, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला।