नारायणपुर

Abujhmad School: अबूझमाड़ के मरकाबेड़ा में पहली बार स्कूल शुरू, अब बच्चों में डर नहीं पढ़ाई का होगा माहौल

Abujhmad School: अबूझमाड़ के दुर्गम गांव मरकाबेड़ा में पहली बार प्राथमिक स्कूल शुरू हुआ है। नक्सल प्रभावित क्षेत्र में यह पहल बच्चों को शिक्षा से जोड़ने और विकास की नई दिशा देने की ओर अहम कदम है।

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मरकाबेड़ा में प्राथमिक स्कूल शुरू (photo source- Patrika)

Abujhmad School: बस्तर अंचल में नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब विकास और मूलभूत सुविधाओं के विस्तार ने गति पकड़ ली है। शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत ढांचे पर केंद्रित इन प्रयासों का सकारात्मक असर दूरस्थ क्षेत्रों में भी स्पष्ट रूप से दिखाई देने लगा है। इसी कड़ी में, कलेक्टर नम्रता जैन के मार्गदर्शन में अबूझमाड़ के अति दुर्गम क्षेत्र मरकाबेड़ा में पहली बार एक प्राथमिक शाला का शुभारंभ किया गया है।

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Abujhmad School: गांवों के बच्चों को मिलेगी बड़ी राहत

ग्राम पंचायत गोमे अंतर्गत स्थित यह गांव जिला मुख्यालय से लगभग 100 किलोमीटर दूर है और पूर्व में यह क्षेत्र नक्सल गतिविधियों के लिए जाना जाता था। अब प्रशासन की सक्रियता और योजनाबद्ध प्रयासों से यहां शिक्षा की एक नई शुरुआत हुई है, जिससे क्षेत्र के विकास को नई दिशा मिली है। मरकाबेड़ा में इस प्राथमिक शाला के खुलने से कोरोसकोडो सहित आसपास के कई गांवों के बच्चों को बड़ी राहत मिलेगी। उन्हें अब शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा।

कठिन हालातों के बीच संघर्ष करते रहे

इस शाला की स्थापना के लिए संकुल समन्वयक, शिक्षकों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने मिलकर कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बीच अथक प्रयास किए, जिसमें उन्हें नदी-नालों और पहाडिय़ों को पार करना पड़ा ताकि यह पहल साकार हो सके। शाला प्रारंभ के अवसर पर बच्चों का शाला प्रवेश उत्सव भी आयोजित किया गया, जिसमें बच्चों को नि:शुल्क गणवेश, पाठ्यपुस्तकें और पोषक आहार वितरित किए गए। इस अवसर पर बच्चों और स्थानीय ग्रामीणों में विशेष उत्साह देखा गया, और ग्रामीणों ने इस महत्वपूर्ण पहल के लिए शासन-प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।

वर्तमान में 14 बच्चों के लिए शिक्षा की व्यवस्था की

वर्तमान में इस नवस्थापित विद्यालय में 14 बच्चों के लिए शिक्षा की व्यवस्था की गई है और उनकी पढ़ाई के लिए एक शिक्षक भी नियुक्त किया गया है। यह पहल न केवल शिक्षा के विस्तार की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, बल्कि अबूझमाड़ जैसे दूरस्थ क्षेत्र में विकास की नई इबारत लिखने की दिशा में मील का पत्थर साबित होगी।

Abujhmad School: अबूझमाड़ में शिक्षा की दस्तक और बदलता बस्तर

छत्तीसगढ़ का बस्तर संभाग लंबे समय तक नक्सलवाद और विकास की कमी के कारण देश के सबसे चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में गिना जाता रहा है। विशेष रूप से अबूझमाड़ को भौगोलिक दुर्गमता, सीमित प्रशासनिक पहुंच और सुरक्षा कारणों के चलते “अनएक्सप्लोर्ड” इलाकों में शामिल किया जाता रहा है। घने जंगल, ऊबड़-खाबड़ पहाड़ियां और सड़क व संचार जैसी बुनियादी सुविधाओं की कमी यहां विकास की राह में बड़ी बाधा रही है।

Updated on:
09 Apr 2026 12:42 pm
Published on:
09 Apr 2026 12:41 pm
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