
नशेड़ी शिक्षकों पर गिरी गाज (photo source- Patrika)
Teacher Suspended: एमसीबी जिले के शिक्षा विभाग में अनुशासनहीनता के मामले में प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाते हुए बड़ी कार्रवाई की है। प्राथमिक शाला बाला, विकासखंड मनेंद्रगढ़ में पदस्थ प्रधानपाठक पारस राम वर्मा और सहायक शिक्षक मेहीलाल सिंह को ड्यूटी के दौरान नशे की हालत में पाए जाने पर कलेक्टर डी. राहुल वेंकट ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। यह कार्रवाई सहायक विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा किए गए औचक निरीक्षण के बाद की गई।
निरीक्षण के दौरान दोनों शिक्षक शराब के प्रभाव में पाए गए। मौके पर ही पंचनामा तैयार किया गया और दोनों के बयान दर्ज किए गए, जिसमें शराब सेवन की पुष्टि हुई। मामले को गंभीर मानते हुए दोनों को सिविल अस्पताल मनेंद्रगढ़ ले जाया गया, जहां मेडिकल जांच में भी नशे की पुष्टि हो गई।
पूरी जांच रिपोर्ट कलेक्टर कार्यालय को भेजी गई, जिसके आधार पर कलेक्टर ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3 एवं 23 के उल्लंघन का दोषी मानते हुए दोनों के खिलाफ छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के तहत निलंबन की कार्रवाई की। निलंबन अवधि के दौरान दोनों शिक्षकों का मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी, मनेंद्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर कार्यालय तय किया गया है। उन्हें शासन के नियमों के अनुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की भूमिका केवल पढ़ाने तक सीमित नहीं होती, बल्कि वे छात्रों के लिए आदर्श भी होते हैं। ऐसे में ड्यूटी के दौरान नशे में पाया जाना न केवल सेवा नियमों का उल्लंघन है, बल्कि शिक्षा की गुणवत्ता और बच्चों के भविष्य पर भी नकारात्मक असर डालता है।
पिछले कुछ समय में विभिन्न जिलों में इस तरह के मामलों को लेकर प्रशासन सख्त रुख अपनाता नजर आ रहा है। औचक निरीक्षण और कड़ी कार्रवाई के जरिए शिक्षा व्यवस्था में सुधार लाने और जवाबदेही सुनिश्चित करने की कोशिश की जा रही है। इस घटना के माध्यम से प्रशासन ने स्पष्ट संदेश दिया है कि शासकीय सेवा में अनुशासन सर्वोपरि है और किसी भी प्रकार की लापरवाही या गैर-जिम्मेदाराना व्यवहार को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
Published on:
08 Apr 2026 12:33 pm
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