नारायणपुर

Surrender नक्सलियों ने SP से कहा मुख्यधारा से जुड़कर करेंगे नई जिंदगी की शुरूवात

एक इनामी महिला सहित 3 नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण, महिला को जनताना सरकार स्कूल प्रभारी की मिली थी जिम्मेदारी।
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Updated: 22 Dec 2017, 11:50 PM IST
महिला सहित तीन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण कहा मुख्यधारा से जुड़कर करना है अच्छा काम
महिला सहित तीन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण कहा मुख्यधारा से जुड़कर करना है अच्छा काम

महिला सहित तीन नक्सलियों ने किया आत्मसमर्पण कहा मुख्यधारा से जुड़कर करना है अच्छा काम

नरायणपुर. जिले में चल रहे माओवादी विरोधी अभियान के बढ़ते दबाव, शासन के पुनर्वास नीति से प्रभावित होकर एवं लगातार माओवादी सदस्यो के आत्मसर्मपण करने के कारण शुक्रवार एक महिला सहित तीन माओवादियों ने पुलिस अधीक्षक संतोष सिंह के सामने बिना हथियार आत्मसमर्पण किया है। जिसमें बालमति कोर्राम पिता मुल्ला उम्र 40 निवासी बेचा कुवांनार एरिया जनताना सरकार उपाध्यक्ष, स्कूल प्रभारी, सुदोर वट्टी पिता अड़मो उम्र 30 करला भाटपारा मंदोड़ा जनताना सरकार सदस्य एंव सोमारू कावडे पिता आयतु उम्र 22 निवासी हितावाड़ा कोलोकाल पंचायत मिलिशिया डिप्टी कमाण्डर शामिल है।

जनताना सरकार स्कूल प्रभारी की दी जिम्मेदारी
बालमति कोर्राम को 2006 में माओवादी कमाण्डर रामू द्वारा बेचा जनताना सरकार में शामिल कर बेचा जनताना सरकार का उपाध्यक्ष बनाया गया था। इसके बाद 2009 में माओवादी कमाण्डर नीति उर्फ उर्मिला ने बालमति को एरिया कमेटी सदस्य बनाकर 7 दिन का प्रशिक्षण देने के बाद जनताना सरकार स्कूल प्रभारी की जिम्मेदारी दी थी।

नक्सलियों का सहयोगी के रूप में सक्रिय
वही सुदोर वट्टी को 2012 में छिनारी एरिया कमाण्डर एवं मंदेर जनताना सरकार अध्यक्ष सुरेश ने संगठन में शामिल कर मंदोड़ा जनताना सरकार सदस्य बनाया था, तब से जनताना सरकार सदस्य के पद पर सक्रिय रूप से कार्य कर लोगों को मीटिंग के लिए एकत्र करना, भोजन व्यवस्था, माओवादियों का सहयोग करता था। तीसरा सोमारू कावडे को 2010 में हान्दावाड़ा एलओएस कमाण्डर मंगली ने जनताना सरकार अध्यक्ष बनाकर गांव में मीटिंग लेकर कोलोकाल जनताना सरकार सदस्य के रूप में भरमार बंदूक देकर समस्त जिम्मेदारी सौपी थी।

महिला माओवादी पर 2 हजार का था इनाम
आत्मसमर्पित माओवादी बालमति कोर्राम 2008-09 में चिहरा जंगल एंव कौशलनार हाथीबेडा जंगल में पुलिस पार्टी पर हमला करने की घटना में शामिल रही है। पुलिस अधीक्षक ने 2 हजार रूपए का ईनाम घोषित किया था। इन आत्मसमर्पित माओवादी सदस्य को शासन की आत्मसमर्पण पुनर्वास योजना अंतर्गत राशि एवं अन्य सुविधाएं प्रदाय की जाएगी।

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