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इस Colony का हाल देख आपको भी होगा आश्चर्य कहेंगे यहां रहते हैं VIP Officer

जिम्मेदार नहीं दे रहे सफाई व्यवस्था पर ध्यान, नुक्कड़ों पर पड़े हैं कचरों का ढेर, गंदगी से पटी है अधिकारियों की कालोनी।
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कोंडागांव

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ajay shrivastav

•

Updated: 22 Dec 2017, 11:20 PM IST

जिनके ऊपर है स्वच्छता का जिम्मा, वे खुद बैठे हैं पसरी गंदगियों के बीच, तो आम जनता का क्या...

जिनके ऊपर है स्वच्छता का जिम्मा, वे खुद बैठे हैं पसरी गंदगियों के बीच, तो आम जनता का क्या...

जिनके ऊपर है स्वच्छता का जिम्मा, वे खुद बैठे हैं पसरी गंदगियों के बीच, तो आम जनता का क्या...

कोंडागांव. प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान के सपने की जिम्मेदारी जिन जिम्मेदारों पर हैं वे खुद गंदगी के बीच रहते हुए दिखाई दे रहे हैं। यह हाल शहर के बीच डीएनके कॉलोनी का है जहां डॉक्टर से लेकर डिप्टी कलक्टर तक के मकान हैं। कॉलोनी के नुक्कड़ पर गंदगी के ढेर पड़े हैं जिन्हें साफ करने की फुर्सत न नगर पालिका के पास हैं और न यहां रहने वाले अधिकारी इस ओर ध्यान दे रहे हैं।

कचरा गाड़ी वार्डों तक पहुंचते हो जाती है दोपहर
नगर के डीएनके कालोनी में छोटे कर्मचारियों से लेकर डिप्टी कलक्टर व डॉक्टर रहते हैं पर कालोनी की सफाई सही तरीके से नहीं हो पा रही हैं। इस गंदगी के चलते कई दफे तो लोग राह भी भटक जाते हैं। गंदगी इतनी पसरी है कि अब वह सड़क तक पहुंच चुकी है। नगर पालिका का स्वच्छता विभाग सफाई के दावे तो कर रहा है लेकिन इसकी हकीकत शहर के विभिन्न वार्डों में पहुंचकर देखी जा सकती है। हालंाकि कुछ दिनों से शहर के कुछ वार्डो में सफाई की अलख जगाते स्व सहायता समूह गीला व सूखा कचरा उठाने में जुटा हुआ तो है पर लोगों की शिकायत यह है कि कचरा उठाने वाली गाड़ी वार्डों तक पहुंचते-पहुंचते दोपहर हो जाती है। जब तक कामकाजी लोग घर से निकल जाते है।

स्वच्छता प्रभारी के घर के पास ही कचरा
नगर पालिका के स्वच्छता प्रभारी भी इसी कालोनी में रहते हैं और उनके मोहल्ले में ही इस तरह कचरा फैला हुआ है। यह समझ से परे है। ऐसा मालूम होता है कि स्वच्छता प्रभारी की बात सफाईकर्मी नहीं मानते या स्वच्छता प्रभारी ही सफाई करवाने में कोई रूची नहीं ले रहे। मालूम हो कि सफाई को लेकर कलक्टर से लेकर जिला स्तरीय अधिकारियों ने कई दफे शहर के वार्डों में पहुंच जागरूकता भी फैलाई है पर यहां तो सफाई अधिकारी ही ध्यान नहीं दे रहे।

लेबर की कमी से काम हो रहा प्रभावित
वार्ड पार्षद गुनमति नायक कहती है कि लेबर की कमी से वार्ड की सफाई व्यवस्था थोड़ी चरमराई हुई है। हर 15 दिन में वार्ड की सफाई के लिए एक- दो लेबर मिलते हैं। इनसे जितना हो पाता है सफाई होती है। हम लोग कई बार नियमित तौर पर लेबर भेजने की कह चुके हैं पर नपा प्रशासन लेबर की कमी का हवाला देते हमारी नहीं सुनता। स्वच्छता प्रभारी भूपेश सिंग ने बताया कि मैं अभी दस दिन से छुट्टी पर हूं। सभी वार्डो में नियमित रूप से सफाई होती आ रही है।