नरसिंहपुर

सिंचाई के लिए वरदान साबित होगा 1600 करोड़ का शेढ़ सिंचाई काम्पलेक्स

नरसिंहपुर-जिले गोटेगांव क्षेत्र में जलस्तर काफी नीचे होने की वजह से बड़े रकबे में बारिश की फसल ही हो पाती है। सूखी बंजर जमीन वाले सैंकड़ों किसानों के लिए पानी की समस्या को लेकर राहत की बड़ी खबर आई है। यहां शेढ़ सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना के तहत के सालीवाड़ा के पास शेढ़ नदी पर बनने […]

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शेढ़ सिंचाई काम्पलेक्स

नरसिंहपुर-जिले गोटेगांव क्षेत्र में जलस्तर काफी नीचे होने की वजह से बड़े रकबे में बारिश की फसल ही हो पाती है। सूखी बंजर जमीन वाले सैंकड़ों किसानों के लिए पानी की समस्या को लेकर राहत की बड़ी खबर आई है। यहां शेढ़ सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना के तहत के सालीवाड़ा के पास शेढ़ नदी पर बनने जा रहा बांध किसानों के लिए वरदान साबित होगा।नरसिंहपुर और सिवनी जिले की सीमा पर बहने वाली शेढ़ नदी पर शेढ़ सिंचाई कॉम्प्लेक्स परियोजना को स्वीकृति के बाद भू अर्जन की प्रक्रिया भी शुरू हो गई है। करीब 1666.13 करोड़ रुपए की लागत वाली इस महत्वाकांक्षी परियोजना में कुल चार बांध बनाए जाएंगे। इनमें से जहां तीन बांध सिवनी जिले में होगें। वहीं एक नरसिंहपुर में बनेगा।
उल्लेखनीय है इस परियोजना का एक बांध नरसिंहपुर जिले के सालीवाड़ा के पास बनेगा। सालीवाड़ा के पास बनने वाले इस बांध से जहां गोटेगंाव क्षेत्र के जलस्तर में आशातीत वृद्धि होगी। वहीं करीब साढ़े सात हजार हेक्टेयर की कृषि भूमि को भी सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी मिल सकेगा। यह परियोजना कुल 10,000 हेक्टेयर भूमि को लाभान्वित करेगी। जिसमें से 7,500 हेक्टेयर भूमि पर स्प्रिंक्लर प्रणाली से सिंचाई की जाएगी। स्प्रिंक्लर प्रणाली के माध्यम से सिंचाई होने से जल संरक्षण होगा और किसानों को सूखे की स्थिति से राहत मिलेगी। गर्मियों में सूखने वाली शेढ़ नदी अब सालभर जलयुक्त बनी रहेगी। बांध के निर्माण से जल संधारण की क्षमता बढ़ेगी। जिससे भूजल स्तर में सुधार होगा और आसपास के क्षेत्रों में हैंडपंप व कुओं में भी पानी की उपलब्धता बनी रहेगी। इससे स्थानीय लोगों को पीने के पानी की सुविधा भी सुगम होगी।

परियोजना के लिए भूअर्जन की प्रकिया शुरू


इस परियोजना के लिए जिले में113.966 हेक्टेयर निजी भूमि 101.949 हेक्टेयर शासकीय भूमि और 290.880 हेक्टेयर वन भूमि का उपयोग किया जाएगा। भू.अर्जन की प्रक्रिया जारी है।


बदलेगी क्षेत्र की तस्वीर


इस परियोजना से न केवल सिंचाई सुविधा उपलब्ध होगी। बल्कि जल संसाधनों का बेहतर प्रबंधन भी संभव होगा। गर्मियों में सूखने वाली शेढ़ नदी अब सालभर जलयुक्त बनी रहेगी। बांध के निर्माण से जल संधारण की क्षमता बढ़ेगी। जिससे भूजल स्तर में सुधार होगा और आसपास के क्षेत्रों में हैंडपंप व कुओं में भी पानी की उपलब्धता बनी रहेगी। इससे स्थानीय लोगों को पीने के पानी की सुविधा भी सुगम होगी।जल संरक्षण के साथ-साथ इस परियोजना से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर भी मिलेंगे। कुल मिलाकर 1666.13 करोड़ रुपए की लागत से बनने वाली यह परियोजना नरसिंहपुर और सिवनी जिले के विकास में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होगी।


वर्जन


शेढ़ सिंचाई काम्पलेक्स के लिए स्वीकृति हो चुकी है। इसके लिए भू- अर्जन की प्रकिया भी आरंभ कर दी गई है। भू- अर्जन के लिए धारा 11 की प्रक्रिया हो चुकी है। अब इसमें धारा 19 की कार्रवाई प्रक्रियाधीन है। इसके साथ ही पर्यावरणीय स्वीकृति के लिए भी कार्रवाई जारी है। उम्मीद है जल्द ही इस प्रोजेक्ट पर कार्य शुरू हो जाएगा। इस प्रोजेक्ट से नरसिंहपुर और सिवनी दोनों जिलों के करीब 168 गांवों को फायदा पहुंचेगा।
जेके मर्सकोले प्रोजेक्ट इंजीनियर शेढ़ सिंचाई काम्पलेक्स

Published on:
19 Mar 2026 01:11 pm
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