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प्रभावी अनुसंधान अपराधियों को सजा दिलाने में सहायक है-दक्षता संवर्धन कार्यक्रम में प्रधान न्यायाधीश ने कहा

skill enhancement program नरसिंहपुर. पुलिस कंट्रोल रूम में रविवार को जिला अभियोजन संचालनालय द्वारा दक्षता संवर्धन कार्यक्रम व प्रशिक्षण का आयोजन हुआ। जिसके प्रथम सत्र में प्रधान न्यायाधीश अखिलेश शुक्ला ने कहा कि अपराधों की विवेचना में कभी-कभी मामूली कमियां भी भारी पड़ जाती हैं। ऐसे में जरूरी है कि विवेचक गंभीर प्रवृत्ति के अपराधों […]

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प्रधान न्यायाधीश अखिलेश शुक्ला ने कहा कि अपराधों की विवेचना में कभी-कभी मामूली कमियां भी भारी पड़ जाती हैं। ऐसे में जरूरी है कि विवेचक गंभीर प्रवृत्ति के अपराधों में संजीदगी से एक-एक पहलु पर ध्यान दे, ताकि दोषसिद्धि की दर को बढ़ाया जा सके।

दक्षता संवर्धन कार्यक्रम में न्यायाधीश, एसपी एवं अन्य।

skill enhancement program नरसिंहपुर. पुलिस कंट्रोल रूम में रविवार को जिला अभियोजन संचालनालय द्वारा दक्षता संवर्धन कार्यक्रम व प्रशिक्षण का आयोजन हुआ। जिसके प्रथम सत्र में प्रधान न्यायाधीश अखिलेश शुक्ला ने कहा कि अपराधों की विवेचना में कभी-कभी मामूली कमियां भी भारी पड़ जाती हैं। ऐसे में जरूरी है कि विवेचक गंभीर प्रवृत्ति के अपराधों में संजीदगी से एक-एक पहलु पर ध्यान दे, ताकि दोषसिद्धि की दर को बढ़ाया जा सके।
विवेचना की बारीकियां बताईं प्रधान न्यायाधीश ने जिले के सभी एसडीओपी, थाना प्रभारियों समेत उप निरीक्षक स्तर के अधिकारियों को विवेचना की बारीकियों से अवगत कराया। उन्होंने बताया कि अभियोजन कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य अभियोजन प्रक्रिया में शामिल अधिकारियों के कौशल और ज्ञान को बढ़ाना है, ताकि वे प्रभावी ढंग से न्याय सुनिश्चित कर सकें। इसके अन्य उद्देश्य भी हैं। जैसे कि नए कानूनों और नीतियों को लागू करने में मदद करना। दोषसिद्धि की दर को बेहतर बना, लंबित मामलों को कम करना और पीडि़तों समेत गवाहों के साथ सम्मानपूर्वक व्यवहार करना। इस तरह की कार्यशालाएं पुलिस विवेचना में सुधार के लिए अत्यंत उपयोगी हैं। प्रभावी अनुसंधान अपराधियों को सजा दिलाने में सहायक है।
इस मौके पर जिला एवं सत्र न्यायाधीश आलोक मिश्रा, रजिस्ट्रार राधाकृष्ण यादव, सीजेएम राकेश सनोडिया, न्यायाधीश ज्योति मिश्रा, जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र सिंह नागेश, एसपी डॉ. ऋषिकेश मीणा, एएसपी संदीप भूरिया, उपनिदेशक जिला अभियोजन संचालनालय रामकुमार पटेल आदि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
पाक्सो एक्ट की दी जानकारी
कार्यशाला के दूसरे चरण में दोपहर दो बजे से प्रशिक्षण सत्र हुआ। जिसमें जिला सत्र न्यायाधीश आलोक मिश्रा ने एट्रोसिटी और न्यायाधीश ज्योति मिश्रा ने पाक्सो एक्ट पर उपयोगी जानकारियां दीं। कार्यशाला में उपनिदेशक अभियोजन संचालनालय रामकुमार पटेल के अलावा शासकीय अधिवक्ता अमित कुमार राय, हेमंत पांडे, कपिल पांडे, किरण बाला, सरिता दुबे, निशा मिश्रा, इंद्रमणि गुप्ता, घनश्याम प्रजापति, जयकुमार गुप्ता, मनु श्रीवास भी प्रमुखता से मौजूद रहे।

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