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गर्मी के शुरूआती दौर में ही 62 सरोवरों में सूखा पानी रूपी अमृत, प्रस्तावित 18 सरोवरों का शुरू नहीं हो पा रहा कार्य

Amrit Sarovars’ नरसिंहपुर. गर्मी के मौसम में भूजल स्तर में सुधार के साथ ही लोगों को उपयोग के लिए सहजता से पानी उपलब्ध कराने की जिस मंशा से अमृत सरोवर बने थे वह पूरी होती नहीं दिख रही है। जिले भर में योजना के फेज-1 के तहत बने 62 अमृत सरोवरों में गर्मी के शुरूआती […]

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जिले भर में योजना के फेज-1 के तहत बने 62 अमृत सरोवरों में गर्मी के शुरूआती दौर में ही पानी रूपी अमृत सूख गया है। कुछ सरोवर ही ऐसे हैं जिनके थोड़े-बहुत हिस्से में पानी के डबरे दिख रहे हैं।

ग्राम इमझिरा के पास बना सरोवर जो सूख गया है।

Amrit Sarovars' नरसिंहपुर. गर्मी के मौसम में भूजल स्तर में सुधार के साथ ही लोगों को उपयोग के लिए सहजता से पानी उपलब्ध कराने की जिस मंशा से अमृत सरोवर बने थे वह पूरी होती नहीं दिख रही है। जिले भर में योजना के फेज-1 के तहत बने 62 अमृत सरोवरों में गर्मी के शुरूआती दौर में ही पानी रूपी अमृत सूख गया है। कुछ सरोवर ही ऐसे हैं जिनके थोड़े-बहुत हिस्से में पानी के डबरे दिख रहे हैं। जिले में अमृत सरोवर योजना का हाल यह है कि करीब एक साल पहले फेज-2 के तहत जो 18 सरोवर के कार्य स्वीकृत हुए थे वह शुरू नहीं हो सके हैं।
जिले में गर्मी का मौसम आते ही जल संरक्षण-संवर्धन के लिए अभियानों के तौर पर शासन-प्रशासन, संगठनों की गतिविधियां तेज हो जाती हैं। लेकिन जिले में अमृत सरोवरों के साथ ही प्राचीन तालाबों, कुआं, बावडिय़ों और स्थानीय नदियों की कैसी दुर्दशा है यह किसी से छुपा नहीं है। लगातार अवैध खनन से नदियों का तटीय क्षेत्र बिगड़ चुका है, रेत, बजरा का अवैध दोहन होने से नदियों में मिट्टी निकल आई है, पानी सूख रहा है और नदियों की धार टूट रही है, वह कुंडो में तब्दील होकर सूख रही हैं। जबकि तालाबों का स्वरुप बिगड़ चु का है और वह भी पानी को तरस रहे हैं।
कार्यो की निगरानी नहीं, पंचायतें उदासीन


जिले में प्राचीन तालाबों और अमृत सरोवरों की दुर्दशा की बड़ी वजह कार्यो की प्रशासनिक निगरानी नहीं होना और पंचायतों की उदासीनता है। क्योंकि तालाबों का गहरीकरण और सीमांकन नहीं होता है। बारिश में जो पानी इनमें भरता है तो उसका दुरूपयोग रोकने भी पंचायते गंभीरता से कार्य नहीं करतीं। जनपद चांवरपाठा के ग्राम इमझिरा, बिलहरा में बना अमृत सरोवर सूखने से बदहाल दिख रहा है। ग्रामीण कहते हैं कि जब सरोवर में पानी रहता है तो आसपास का जलस्तर अच्छा रहता है, लेकिन यह सूख गए हैं तो अब भूजल स्तर पर भी असर दिख रहा है। मवेशियों को प्यास बुझाने पानी मिलना मुश्किल हो रहा है। क्योंकि नदियों में भी पानी घट रहा है। गोटेगांव तहसील में झिरीकला एवं बेलखेड़ी शेढ़ का सरोवर भी सूखा पड़ा है।


जिले के 6 विकासखंडो की अधिकांश ग्राम पंचायतों के तालाबों में कहीं झाडिय़ां ऊगी हैं तो कहीं बेतरतीब खुदाई से तालाबों का नक्शा ही बिगड़ गया है। ग्राम ढिगसरा का प्राचीन तालाब कई वर्षो से बदहाल है। बताया जाता है कि इसका कार्य अमृत सरोवर के तहत स्वीकृत हुआ है लेकिन कार्य शुरू नहीं हो रहा है। मुख्यालय से लगे ग्राम देवरी कला में मुक्तिधाम के पास का तालाब भी बेकार पड़ा है। यही हालत जिले के अलग-अलग गांवों की है।
18 नए सरोवरों का निर्माण प्रस्तावित
बताया जाता है कि जिला पंचायत के जरिए जिले में 18 नए अमृत सरोवरों का निर्माण कार्य होना है। जिसके लिए स्थान चिन्हित करने के बाद प्रस्ताव शासन को भेजे जा चुके हैं। जिसमें पांच कार्यो के लिए स्वीकृति की कार्रवाई भी हो गई है लेकिन कार्य शुरू नहीं हुए हैं। कार्यो की शुरूआत कब होगी इसे लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है।

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