नरसिंहपुर अपनी मांगों को लेकर सातवें दिन सहकारी कर्मचारियों सहकारी समितियों के प्रबंधकों कर्मचारियों ने अपना प्रदर्शन जारी रखा और बरमान में नर्मदा में जल सत्याग्रह कर अपनी मांगों के प्रति शासन का ध्यान आकृष्ट किया।
नरसिंहपुर/ प्रदेश सहकारिता समिति के कर्मचारियों ने अपना आंदोलन सातवें दिन भी अपना आंदोलन तेज करते हुए जल सत्याग्रह करते हुए शासन का ध्यान आकृष्ट करने का प्रयास किया। सहकारिता कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों के मुताबिक, जब तक उनकी मांगों को नहीं माना जाएगा तब तक आंदौलन जारी रखेंगे। वहीं, एक दिन के अंतराल के बाद आंदोलन को और तेज करेंगे। मंगलवार को जल सत्याग्रह के बाद गुरुवार यानी 11 फरवरी को सहकारिता कर्मचारी साइकिल रैली निकालकर अपना विरोध जताएंगे।
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आयुक्त ने चर्चा के लिए बुलाया प्रतिनिधिमंडल
आंदोलनकारियों की मानें तो एक तरफ तो जिले में कर्मचारी जल सत्याग्रह कर रहे हैं, तो वहीं प्रदेश संगठन का तीन सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सहकारिता आयुक्त से भोपाल में मुलाकात करेगा। जिला पदाधिकारियों ने बताया कि, प्रदेश अध्यक्ष बीएस चौहान के साथ दो सदस्यों के प्रतिनिधिमंडल को आयुक्त ने चर्चा के लिए बुलाया है। यहां पर वो उनकी मांगों पर विचार करेंगे।
सहकारिता कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष ने कही ये बात
सहकारिता कर्मचारी महासंघ के जिलाध्यक्ष राजकुमार कौरव के मुताबिक, प्रदेश संगठन के बैनर तले 1 फरवरी से मुख्यमंत्री समेत सहकारिता आयुक्त, कलेक्टर को ज्ञापन देने से आंदोलन की शुरुआत हुई थी। 4 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल के तहत सभी राशन दुकानें बंद कर दी गईं हैं। सहकारी समितियों के प्रबंधक, विक्रेता आदि सभी जिला मुख्यालय के लोक सेवा केंद्र परिसर के पास धरना दे रहे हैं। कौरव ने रोष जताते हुए कहा कि, करोड़ों की वसूली कर सहकारिता को जीवित रखने वाले कर्मचारियों के प्रति प्रदेश सरकार का रवैया हैरान करने वाला है। अबतक सरकार ने उनकी मांगों पर विचार तक नहीं किया है। इसी कारण 9 फरवरी को तय कार्यक्रम के अनुसार जिले के सभी सहकारी कर्मचारी बरमान स्थित नर्मदा तट पर जाकर जल सत्याग्रह को बाध्य हुए। साथ ही, प्रदेश सरकार की सद्बुद्धि के लिए प्रार्थना की गई।
सहकारिता कर्मचारी संघ के जिला उपाध्यक्ष ने कही ये बात
सहकारिता कर्मचारी संघ के जिला उपाध्यक्ष आशीष नेमा, प्रांतीय प्रवक्ता मो. शफी खान और जिला सचिव शशि महाराज ने बताया कि बरमान में जल सत्याग्रह के पूर्व आधा घंटे तक सभी आंदोलनकारी तटों की सफाई की। मेले के कारण यहां हुई गंदगी को साफ किया जाएगा। घाट पर आने वाले श्रद्धालुओं को नर्मदा में गंदगी न फैलाने का आह्वान किया गया।