6 मई 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

भवन बने, सुविधाएं अधूरी, 167 आंगनवाड़ी केंद्र अंधेरे में, 166 में शौचालय नहीं,बच्चों को केंद्रों में बैठने की लाचारी

जिले में संचालित करीब 1200 केंद्रों में से 1192 केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता अभी भी अधूरी है। हालत यह है कि 1033 केंद्रों में ही बिजली कनेक्शन उपलब्ध है, जबकि 167 केंद्र अब भी बिजली से वंचित हैं।

2 min read
Google source verification
जिले में संचालित करीब 1200 केंद्रों में से 1192 केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता अभी भी अधूरी है। हालत यह है कि 1033 केंद्रों में ही बिजली कनेक्शन उपलब्ध है, जबकि 167 केंद्र अब भी बिजली से वंचित हैं।

जिले में सुविधाविहीन केंद्रों में बैठने लाचार बच्चे।

Women and Child Development Department नरसिंहपुर. जिले में महिला बाल विकास विभाग के जरिए संचालित आंगनवाड़ी केंद्रों में बुनियादी सुविधाओं की कमी है। कई जगह हालत यह है कि केंद्र भवन तो बने हैं लेकिन बिजली, पानी, शौचालय जैसी सुविधा नहीं हैं। जिससे ऐसे केंद्रों में बच्चों को बिठाकर विभाग की गतिविधियां संचालित करना न केवल कार्यकर्ताओं के लिए चुनौती साबित हो रहा है बल्कि बच्चों को भी सुविधाओं की कमी से परेशानी हो रही है।
जिले में संचालित करीब 1200 केंद्रों में से 1192 केंद्रों में मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता अभी भी अधूरी है। हालत यह है कि 1033 केंद्रों में ही बिजली कनेक्शन उपलब्ध है, जबकि 167 केंद्र अब भी बिजली से वंचित हैं। पेयजल की सुविधा 1082 केंद्रों तक ही सीमित है और 118 केंद्रों में पानी की व्यवस्था नहीं है। शौचालयों की स्थिति भी बेहतर नहीं है, 1034 केंद्रों में ही कार्यात्मक शौचालय हैं, जबकि 166 केंद्रों में यह सुविधा नहीं है। सुविधाओं के मामले में ब्लाक स्तर पर भी असमानता बनी है।
बाबई चीचली ब्लाक में भवन तो 200 केंद्रों में हैं, लेकिन बिजली केवल 153 तक सीमित है। नरसिंहपुर परियोजना में सभी 241 केंद्रों में भवन हैं, इसके बावजूद पेयजल 159 केंद्रों में ही उपलब्ध है। अन्य परियोजनाओं में भी इसी तरह आंशिक कमियां बनी हुई हैं। भवन निर्माण के बाद अब फोकस बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता पर करना जरूरी है, ताकि आंगनवाड़ी सेवाएं प्रभावी तरीके से संचालित हो सकें।
फैक्ट फाइल
कुल केंद्र-1200
इंफ्रास्ट्रक्चरर युक्त- 1192
बिजली वाले केंद्र- 1033
पेयजल वाले केंद्र- 1082
शौचालय युक्त-1034
भवन निर्माण कार्य का यह है हाल
स्वीकृत भवन- 853
इस वर्ष स्वीकृत- 62
कार्य-प्रारंभ नहीं
पूर्व के लंबित कार्र्य-150
निर्माणाधीन- 112
सुविधाओं की कमी
बिजली विहीन-167
पेयजल विहीन-118
शौचालय विहीन-166
वर्जन
केंद्रों में सुविधाओं की पूर्ति के लिए कार्य चल रहा है। जैसे-जैसे भवन तैयार हो रहे हैं उनमें सुविधाएं जुटा रहे हैं, बंद कार्यो को शुरू कराने निर्देश दिए जा रहे हैं। चूंकि कार्य अलग-अलग कारणों से शुरू नहीं हो सके हैं।
राधेश्याम वर्मा, प्रभारी अधिकारी महिला बाल विकास विभाग नरसिंहपुर