
नरसिंहपुर. जिला मुख्यालय से दूर गाडरवारा में SI शमशेर खान को रिश्वतखोरी महंगी पड़ी। रिश्वतखोरी का वीडियो एसपी अजय सिंह के पास पहुंचा और आनन-फानन में वीडियो का सत्यापन कराने के बाद एसपी ने उन्हें निलंबित कर दिया। फिलहाल इसकी चर्चा गाडरवारा से नरसिंहपुर तक है।
घटना की बाबत बताया जा रहा है कि पुलिस अधीक्षक अजय सिंह, कलेक्टर के साथ गाडरवारा में त्योहारों के मद्देनजर पुलिस अधिकारियों व जनप्रतिनिधियों की बैठक लेने गए थे। बैठक के बाद एसपी को एक स्थानीय नागरिक ने एक वीडियो वाट्सएप पर भेजा। इस वीडियो में गाडरवारा थाने में तैनात एसआई शमशेर खान किसी मामले में बतौर रिश्वत पैसे लेते दिखाई दे रहे थे। वाट्सएप पर मिले वीडियो की जांच कराने पर आरोप पुष्ट हुआ। ऐसे में एसपी ने देर रात एसआई को निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। साथ ही एसआई खान को शुक्रवार को हर हाल में पुलिस लाइन नरसिंहपुर में आमद देने के आदेश दिए।
बताया जाता है कि शमशेर खान जिस मामले में पैसे का लेनदेन कर रहे थे, वह दरअसल सट्टे से संबंधित है। कारवाई के संबंध में पुलिस अधीक्षक का कहना है कि अपराध करने वाला चाहे उनके विभाग का ही क्यों न ही, उसे बख्शा नहीं जाएगा। अजय सिंह ने थानों में तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों को चेताया कि अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बता दें कि इन दिनों जिले में जुआ, सट्टा, अवैध शराब और वारंटियों की धरपकड़ के लिए पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसमें आमजन भी भरपूर सहयोग दे रहे हैं। वो एसपी समेत विभिन्न थानों को आपराधिक कृत्य से संबंधित जानकारी साझा कर रहे हैं। नतीजतन सटोरियों की धरपकड़ में तेजी भी आई है।
ये दीगर है कि थानों में तैनात अफसरों व कर्मचारियों पर सट्टा खिलाने वालों को प्रश्रय देने के भी आरोप लग रहे हैं। वैसे फिलहाल एसपी ने निलंबित एसआई के कथित लेनदेन और सटोरियों से उनके संपर्कों की जांच एसडीओपी गाडरवारा महंती मरावी को सौंपी है।