नरसिंहपुर

पत्रिका टॉक शो – केंद्रीय बजट में मिले कारोबारियों को राहत, नियमों में हो पारदर्शिता-जीएसटी हो कम

आने वाले केंद्रीय बजट में व्यापारी वर्ग को कई तरह से राहत दिए जाने की उम्मीदें हो रही हैं। जिससे छोटे-बड़े सभी कारोबारियों को राहत मिले
2 min read
केंद्रीय बजट में व्यापारी वर्ग को कई तरह से राहत दिए जाने की उम्मीदें हो रही हैं। जिससे छोटे-बड़े सभी कारोबारियों को न केवल राहत मिले
मंगलवार को पत्रिका टॉक शो में शहर के व्यापारी।

Patrika conducted a talk show नरसिंहपुर. आगामी एक फरवरी को आने वाले केंद्रीय बजट में व्यापारी वर्ग को कई तरह से राहत दिए जाने की उम्मीदें हो रही हैं। जिससे छोटे-बड़े सभी कारोबारियों को न केवल राहत मिले बल्कि आम आदमी को भी किफायत रहे। व्यापार को रफ्तार मिले। मंगलवार को पत्रिका ने व्यापारियों के साथ टॉक शो कर उनकी राय जानी।
कपड़ा व्यापारी आशीष जैन कहते हैं कि कपड़ा व्यवसायियों के लिए इस नियम से राहत मिलना चाहिए कि 45 दिन में खरीदी का बिल कटना अनिवार्य है। क्योंकि इससे होल सेलर को काफी परेशानी होती है। केंद्रीय बजट में इस तरह के नियमों से छूट मिलना चाहिए तभी हम जैसे अन्य कारोबारियों को व्यवसाय करने में आसानी होगी। राजीव ओसवाल कहते हैं कि आज ऑनलाइन शॉपिंग का चलन बढ़ा है जिससे स्थानीय कारोबार पर असर है। लेकिन ऑनलाइन शॉपिंग में यह खतरा भी बढ़ रहा है कि जो सामग्री ऑनलाइन बुलाई जाती है उसकी गुणवत्ता सही नहीं रहती। केंद्र सरकार को बजट में ऑनलाइन शॉपिंग में उपभोक्ता के प्रति कंपनियों को जिम्मेदार बनाते हुए नियमों में सख्ती रखना चाहिए। जिससे उपभोक्ता हित प्रभावित न हों। विनोद साहू कहते हैं कि जीएसटी में अभी जो राहत दी गई है वह नाकाफी है। व्यापारी हित में जीएसटी में और अभी कटौती होना चाहिए। दवा विक्रेता आशीष गुप्ता कहते हैं कि लाइफ सेविंग दवाइयों में जीएसटी में छूट वाली दवाइयों की संख्या सीमित है, इसे बढ़ाया जाना चाहिए। जिससे विक्रेताओं और आम लोगों को दवाइयों की अधिक कीमत न चुकानी पड़े। दवा विक्रेता संघ के अध्यक्ष राकेश सोनी कहते हैं कि कई दवाइयों का विक्रय करने के लिए विक्रेताओं पर तो नियम लागू हैं लेकिन ऑनलाइन प्लेटफार्म पर वही दवाइयां बिना किसी नियम-प्रावधान के बिक रही हैं। केंद्र सरकार बजट में यह प्रावधान लाए कि ऑन लाइन हो ऑफ लाइन दवाइयों का विक्रय समान नियम-प्रावधान से किया जाए। सराफा कारोबारी अभिषेक नेमा कहते हैं कि वैश्विक बाजार में सोने-चंादी के भाव तेजी से बढ़ रहे हैं, इससे छोटे व्यापारियों को नुकसान हो रहा है, कारीगरों को कार्य नहीं मिल रहा है। केंद्रीय बजट में छोटे सराफा कारोबारियों के लिए लोन सुविधा आसान की जाए, कारीगरों के लिए योजना तैयार की जाए। हाल ही गुजरात में कई कारोबारी इसी वैश्विक तेजी से नुकसान की चपेट में आए हैं। फर्नीचर व्यापारी प्रतीक जैन कहते हैं कि सब्सिडी मुक्त बाजार होना चाहिए, हमारे जिले का बाजार कृषि पर निर्भर है, किसानों को सब्सिडी की नहीं बल्कि सुविधाओं की जरूरत है। बीडी उद्योग से जुड़े मयंक मनोहर साहू कहते हैं कि कच्चे तेल पर जो टेक्स है वह सीमित किया जाए। क्योंकि यही सभी व्यापार की जड़ है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत घट रही है लेकिन जनता को इसका प्रत्यक्ष लाभ नहीं मिल रहा है। यदि ईंधन के दाम कम किए जाए तो महंगाई पर नियंत्रण लगाना संभव होगा जिसका लाभ केवल व्यापारी नहीं बल्कि हर वर्ग को होगा। टॉक शो में अशोक जैन, जितेंद्र जैन, अंशुल नेमा, हितेंद्र जैन आदि व्यापारियों ने केंद्रीय बजट में कारोबारियों और आम आदमी को बड़ी राहत दिए जाने की बात कही।

Updated on:
14 Jan 2026 01:34 pm
Published on:
14 Jan 2026 01:34 pm
Also Read
View All
‘पलक झपकते ही बाइक चोरी’ चाचा-भतीजे की जोड़ी ने किया था नाक में दम, नरसिंहपुर पुलिस ने 11 बाइकों के साथ पकड़ा

नरसिंहपुर शहरी क्षेत्र में ही रोड के गड्ढों में फंस रहे वाहन, जिम्मेदार बेखबर, रेलवे ब्रिज के धीमे निर्माण से डायवर्ट रूट ने बढ़ाई परेशानी

जिले में बारिश का दौर जारी, बरगी के पानी से नर्मदा में बाढ़ का असर बरकरार, मेला पुल से दूसरे दिन भी नहीं हो सका आवागमन शुरू

नरसिंहपुर में ईडी के छापे, पूर्व विधायक संजय शर्मा के कारोबारी ठिकानों और नजदीकी के आवास पर कार्रवाई

बालिका का अपहरण कर बलात्कार के बाद हत्या, आरोपी युवक गिरफ्तार, आरोपी ने बालिका से कहा था कि घर चलो पापा बुला रहे हैं