रूद्री निर्माण व रामकथा का समापन

भगवान महाकाल की आरती में बरसा भक्तिरस

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Jan 03, 2017
Rudri construction and completion of the story:
गाडरवारा। नगर के बल्लभ मार्के ट में आध्यात्म एवं सनातन संस्कृति पुनरूत्थान मंडल व शंभू भक्त मंडल के संयुक्त तत्वाधान में गृहस्थ संत प. मनमोहन मुदगल महाराज सोहागपुर वालों के सानिघ्य में बीते 25 दिसम्बर से आयोजित रूद्री निर्माण, शिव महाभिषेक तथा रामकथा के आयोजन का एक जनवरी रविवार को समापन हुआ। इस मौके पर श्रद्वालुओं ने शिव की महाआरती की तथा अनूठा भक्तिरस बरसा।
सनातन हिन्दू धर्म के प्रति अपनी गहरी आस्था का परिचय दिया। इस मौके पर क्षेत्र के विधायक गोविंद सिंह पटैल, भाजपा नगर मंडल अध्यक्ष शिवाकांत मिश्रा, नपा उपाध्यक्ष कमल खटीक सहित नगर के प्रतिष्ठित नागरिकों ने पं. मनमोहन मुगदल महाराज का पादुका पूजन कर उनका आशीर्वाद ग्रहण किया।

इस अवसर पर अपने अंतिम भावपूर्ण प्रवचन में पं. आलोक मिश्र ने व्यक्त किया कि बेटियां बेटों की अपेक्षा मां बाप को अधिक सहारा देने वाली होती हैं। भारतीय संस्कृति में मातृशक्ति को इसलिए पूज्य माना जाता है क्योंकि वास्तव में हमारे दोनो कुलों को मातृशक्ति ही संचालित करती है। वही माता सीताजी के प्रसंगों की सुन्दर शब्दों में व्याख्या करते हुए उन्होंने कहा कि मां गंगा ने जिस तरह अपने पति राजा शांतनु से परित्याग का दंड भोगा था।

उसी प्रकार माता सीताजी ने दो बार वनवास की यातनाएं सह कर अपने दोनों कुलों का नाम रोशन किया। ममतामयी मां ऐसी होती है जिसके दूध का ऋ ण कोई बेटा जीवन में अदा नही कर सकता। आज के युग में जो बेटे अपनी पसंद की शादियां कर महानगरों में रहे रहे हैं। उन्होंने अपने मां बाप तक को भुला दिया है। वे अपने गांवों की झोपडियां भूल गए हैं। भौतिक सुविधाएं पाने की चाहत में उनकी संवेदना कुठित हो रही है। देश की बदली परिस्थिति पर चिंता प्रकट करते हुए अपने प्रवचन में पं. मिश्र ने आगे कहा कि धर्म देश का प्राण है, धर्म बिना आचरण किए मनुष्य सच्चे सुख की कल्पना नहीं कर सकता। भारत के खोये गौरव की वापिसी के लिए लोगों को धर्म की राह पर चलने की जरूरत है, उन्होंने लोगों से भारतीय संस्कृति, सभ्यता के मूल्यों की रक्षा करने का आह्वान किया।

Published on:
03 Jan 2017 08:02 am
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