नरसिंहपुर

डिजीटल हुईं सेवाएं, अब बिना ओटीपी नहीं होगा कृत्रिम गर्भाधान, टीकाकरण, ऐप पर दर्ज होगी जानकारी

Veterinary Department नरसिंहपुर. अपने पशुओं का टीकाकरण या कृत्रिम गर्भाधान कराने अब पशु पालकों को उनके मोबाइल नंबर पर आने वाली ओटीपी बताना होगी, तभी अमला कार्य करेगा। डिजीटल क्रांति के दौर में अब पशु चिकित्सा विभाग ने भी शासन की नई नीति के अनुरूप यह व्यवस्था लागू कर दी है। इससे न केवल वास्तविक […]

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पशु चिकित्सा विभाग का अमला तैयारियां बताते हुए।

Veterinary Department नरसिंहपुर. अपने पशुओं का टीकाकरण या कृत्रिम गर्भाधान कराने अब पशु पालकों को उनके मोबाइल नंबर पर आने वाली ओटीपी बताना होगी, तभी अमला कार्य करेगा। डिजीटल क्रांति के दौर में अब पशु चिकित्सा विभाग ने भी शासन की नई नीति के अनुरूप यह व्यवस्था लागू कर दी है। इससे न केवल वास्तविक पशु पालकों को लाभ मिलेगा बल्कि कार्यो में पारदर्शिता आएगी और सटीक आंकड़े दर्ज हो सकेंगे।
उपसंचालक पशु पालन विभाग डॉ. सुनील बृजपुरिया ने बताया कि एक अप्रेल से जिले के समस्त पशु चिकित्सालयों और उप-केंद्रों में कृत्रिम गर्भाधान- एआई और एफएमडी टीकाकरण के लिए ओटीपी आधारित नई व्यवस्था शुरू हो गई है। इस तकनीकी कदम का मुख्य उद्देश्य डेटा की शुद्धता सुनिश्चित करना है। डॉ. बृजपुरिया ने बताया कि विभाग के सभी डॉक्टर, सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी-एव्हीएफओ, गोसेवक और मैत्री कार्यकर्ता के द्वारा किए गए कार्यों की दैनिक प्रविष्टि भारत पशुधन ऐप पर करेंगे। इस ऐप के माध्यम से कार्यों की उच्च स्तरीय मॉनिटरिंग की जाएगी।
पशु पालकों को करना होगा यह
पशुपालकों को अपने पशुओं के रिकॉर्ड के साथ अपना आधार कार्ड और सक्रिय मोबाइल नंबर अपडेट कराना होगा। टीकाकरण या कृत्रिम गर्भाधान के समय मोबाइल पर एक गुप्त कोड-ओटीपी आएगा। वे यह कोड संबंधित कार्यकर्ता को बताएंगे, तब तक ऑनलाइन पोर्टल पर कार्य की एंट्री होगी। इस प्रक्रिया के बाद पशुपालक का डेटा सुरक्षित रहेगा और भविष्य में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने में आसानी होगी। डॉ. बृजपुरिया ने पशुपालकों से कहा है कि जब भी कोई टीकाकरण दल या कृत्रिम गर्भाधान कार्यकर्ता उनके यहां आए, तो मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी उन्हें आवश्यक रूप से उपलब्ध कराएं ताकि आपके पशुधन का रिकॉर्ड सुरक्षित और अपडेट रह सके।
पशुओं को घातक बीमारी से बनाएं सुरक्षित
पशुपालन एवं डेयरी विभाग नरसिंहपुर द्वारा जिले के समस्त संस्था प्रभारियों एवं गोसेवक मैत्री की वार्षिक समीक्षा बैठक बुलाई। उपसंचालक डॉ. सुनील बृजपुरिया एवं एबीपीओ डॉ. एमपी तिवारी के मार्गदर्शन में आगामी खुरपका-मुँहपका टीकाकरण अभियान के लिए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई। ताकि पशुओं को इस घातक बीमारी से सुरक्षित रखा जा सके। एव्हीएफओ रजनीश गढ़ेवाल ने ऑनलाइन पोर्टल पर डेटा फीडिंग में आने वाली समस्याओं का निराकरण किया। इस अवसर पर जिले के समस्त विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।

Published on:
04 Apr 2026 01:11 pm
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