Adhyapak-Shikshak Joint Front नरसिंहपुर. अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा, विकासखंड नरसिंहपुर के तत्वावधान में शनिवार को शिक्षकों ने अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर खंड स्तरीय वाहन रैली और धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए और अपनी मांगों को लेकर जोरदार तरीके से आवाज उठाई। रैली की शुरुआत शहर स्थित मुशरान पार्क […]
Adhyapak-Shikshak Joint Front नरसिंहपुर. अध्यापक-शिक्षक संयुक्त मोर्चा, विकासखंड नरसिंहपुर के तत्वावधान में शनिवार को शिक्षकों ने अपनी दो प्रमुख मांगों को लेकर खंड स्तरीय वाहन रैली और धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं शामिल हुए और अपनी मांगों को लेकर जोरदार तरीके से आवाज उठाई।
रैली की शुरुआत शहर स्थित मुशरान पार्क से हुई, जो विभिन्न मार्गों से होते हुए कलेक्ट्रेट कार्यालय तक पहुंची। रैली में शामिल शिक्षकों ने नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को प्रमुखता से रखा। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगों में शिक्षक पात्रता परीक्षा को निरस्त करने और नियुक्ति दिनांक से ही वरिष्ठता का लाभ देने की मांग शामिल रही।कलेक्ट्रेट पहुंचने के बाद शिक्षकों ने धरना प्रदर्शन किया और अपनी समस्याओं को प्रशासन के समक्ष रखा। इसके पश्चात एक प्रतिनिधिमंडल ने कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं स्कूल शिक्षा मंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में शिक्षकों की लंबित मांगों को शीघ्र पूरा करने की मांग की गई।प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि लंबे समय से शिक्षक अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक समाधान नहीं हो सका है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।इस अवसर पर मनीष कटारे, राकेश दुबे, हरिओम शर्मा, इकबाल कुरैशी, विवेक मिश्रा, भागीरथ विश्वकर्मा, आशीष नामदेव, प्रदीप मेहरा, शालिनी जाट, सुमित्रा ठाकुर और दीपिका नामदेव सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे।
प्रदर्शन के अंत में सभी शिक्षकों ने आगामी 18 अप्रैल को भोपाल में आयोजित होने वाले प्रदेश स्तरीय धरना प्रदर्शन में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने का आह्वान किया। साथ ही कार्यक्रम की रूपरेखा और रणनीति पर भी विस्तार से चर्चा की गई।नरसिंहपुर जिले में शिक्षक पात्रता परीक्षा के संबंध में कई दिनों से शिक्षकों का ज्ञापन प्रदर्शन जारी है। प्रदर्शन के संयोजक शिक्षकों ने अपनी मांगों को लेकर समय-समय पर मुखरता दिखाई है। जिले में 3000 से अधिक शिक्षकों को इस परीक्षा के लिए अनिवार्यता की श्रेणी में चिन्हित किया गया है। हालांकि, विभाग की ओर से अब तक यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि शिक्षकों को पात्रता परीक्षा के संदर्भ में कोई दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं या नहीं।