education and related arrangements नरसिंहपुर. जिले में निजी स्कूलों की मनमानी नकेल कसने प्रशासन ने निर्देश तो जारी कर दिए हैं लेकिन इन निर्देशों का कितना पालन हो रहा है, इसकी निगरानी सक्रियता से शुरू नहीं हो सकी है। जिससे अभिभावकों को हर वर्ष की तरह इस बार भी अपने बच्चों की पढ़ाई और व्यवस्थाओं […]
education and related arrangements नरसिंहपुर. जिले में निजी स्कूलों की मनमानी नकेल कसने प्रशासन ने निर्देश तो जारी कर दिए हैं लेकिन इन निर्देशों का कितना पालन हो रहा है, इसकी निगरानी सक्रियता से शुरू नहीं हो सकी है। जिससे अभिभावकों को हर वर्ष की तरह इस बार भी अपने बच्चों की पढ़ाई और व्यवस्थाओं को लेकर कई तरह की परेशानियों से जूझने की नौबत बन रही है।
जिले में अशासकीय शालाओं के संचालन, विद्यार्थियों से लिए जाने वाले शुल्क व अन्य संबंधित विषयों को लेकर कलेक्टर एवं अध्यक्ष जिला समिति की ओर से बीते 31 मार्च को आदेश जारी किया गया है। जिसमें स्पष्ट किया गया है कि विद्यार्थियों एवं अभिभावकों पर किसी प्रकार का अनावश्यक दबाव नहीं डाला जाएगा तथा सभी व्यवस्थाएं निर्धारित नियमों के अनुसार ही संचालित होंगी। कोई भी विद्यालय विद्यार्थियों को किसी एक दुकान से किताब, कॉपी, यूनिफॉर्म या अन्य शैक्षणिक सामग्री खरीदने के लिए बाध्य नहीं करेगा। विद्यालयों को उपयोग में लाई जाने वाली सामग्री की सूची अपनी वेबसाइट एवं नोटिस बोर्ड पर प्रदर्शित करनी होगी। पुस्तकों के संबंध में एनसीइआरटी-एससीइआरटी को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं बिना पर्याप्त कारण के हर वर्ष पुस्तकें बदलने पर रोक लगाई गई है। साथ ही विद्यालयों को विद्यार्थियों की सुरक्षा से संबंधित निर्धारित मानकों का पालन करने निर्देश दिए हैं। स्पष्ट किया है कि निर्देशों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई होगी।
बस्ते का वजन कक्षा अनुसार निर्धारित
कक्षा 1 से 2 - 1.6 से 2.2 किलोग्राम
कक्षा 3 से 5 - 1.7 से 2.5 किलोग्राम
कक्षा 6 से 7 - 2.0 से 3.0 किलोग्राम
कक्षा 8से 10 - 2.5 से 4.5 किलोग्राम
वर्जन
अशासकीय शालाओं के संचालन से जुड़े सभी विषयों को लेकर आदेश जारी कर दिए गए हैं, जिनका पालन कराया जाएगा, निगरानी होगी। जिससे पालकों के साथ ही बच्चों को परेशानी न हो। जहां गड़बड़ी मिलेगी तो कार्रवाई की जाएगी।