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सरकारी स्कूलों के विद्यार्थी गढ़ रहे उद्यमशीलता की नई संस्कृति

नरसिंहपुर

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Amit Sharma

•

Updated: 4 Apr 2026, 1:53 PM IST

विद्यार्थी गढ़ रहे उद्यमशीलता की नई संस्कृति

विद्यार्थी गढ़ रहे उद्यमशीलता की नई संस्कृति

नरसिंहपुर. जिले में शिक्षा के साथ नवाचार और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनकर उभरा तेजस्वी कार्यक्रम अब एक आंदोलन का रूप लेता नजर आ रहा है। यह केवल एक शैक्षणिक पहल नहीं, बल्कि विद्यार्थियों की सोच और भविष्य को दिशा देने वाला अभियान बन गया है। इसकी बदौलत सरकारी स्कूलों के बच्चे अब पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ उद्यमिता की राह पर भी आगे बढ़ रहे हैं।

इन्होने बढ़ाए कदम


चांवरपाठा के आशीष की कहानी इसका जीता-जागता उदाहरण है, जिसने काली मिट्टी में छिपे आयुर्वेदिक गुणों को पहचानकर नीम और एलोवेरा से साबुन तैयार किया और 4,000 की कमाई कर ली। वहीं मुंगवानी की गरिमा ने अपनी दादी की पारंपरिक जानकारी को व्यवसाय में बदलते हुए तोरई के छिलकों से उत्पाद बनाकर 5 महीनों में 7,000 की बिक्री कर डाली। करेली की नाजिया जो कभी कक्षा में बोलने से हिचकिचाती थी, आज आत्मविश्वास के साथ हर्बल चाय का व्यवसाय चला रही है। इसी तरह बनवारी के विद्यार्थियों की लक्ष्य भेदक टीम ने किसानों की समस्या को समझते हुए किफ ायती बैटरी टॉर्च बनाई, जिसकी तुरंत बिक्री भी हुई और नए ऑर्डर भी मिले।

171 शासकीय विद्यालयों के 24,538 विद्यार्थियों ने दी सहभागिता

ेंजिला शिक्षा विभाग नरसिंहपुर और उद्यम लर्निंग फ ाउंडेशन के सहयोग से संचालित इस कार्यक्रम में शैक्षणिक सत्र 2025-26 के दौरान जिले के 171 शासकीय विद्यालयों के 24,538 विद्यार्थियों ने भाग लिया। कक्षा 9 के छात्रों ने अपने आसपास की समस्याओं को पहचानकर उनके व्यावहारिक समाधान तैयार किए, जबकि कक्षा 11 के विद्यार्थियों ने एक कदम आगे बढ़ते हुए उत्पाद तैयार कर बाजार में उतारे। इस दौरान 2,324 छात्र टीमों ने अपने उत्पादों की वास्तविक बिक्री कर सीड मनी के लिए पात्रता हासिल की। स्कूलों में आयोजित प्रदर्शनियों में अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय नागरिकों की भारी भीड़ उमड़ी, जहां बच्चों के नवाचार और आत्मविश्वास ने सभी को प्रभावित किया। नरसिंहपुर ने इस कार्यक्रम में प्रदेश की कुल भागीदारी का 35.9 प्रतिशत योगदान देते हुए मध्यप्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया। इस उपलब्धि के पीछे 27 मास्टर ट्रेनर्स और 451 शिक्षकों की मेहनत के साथ-साथ जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग का प्रभावी मार्गदर्शन रहा। कलेक्टर रजनी सिंह और जिला पंचायत सीईओ गजेंद्र नागेश के नेतृत्व में कार्यक्रम को मजबूत दिशा मिली, वहीं जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अनिल कुशवाहा और एडीपीसी विपनेश जैन के मार्गदर्शन ने इसे संस्थागत मजबूती प्रदान की।

वर्जन
विद्यार्थियों की उद्यमशीलता में वृद्धि करने में यह कार्यक्रम उपयोगी साबित हुआ है। प्रदेश स्तर पर अव्वल स्थान प्राप्त करना जिले के लिए महत्वपूर्ण उपलब्धि है।
विपनेश जैन, प्रभारी रमसा

वर्जन
प्रदेश के सभी पीएमश्री स्कूलों में तेजस्विनी कार्यक्रम का संचालन हो रहा है। इसके संबंध प्रस्तुत की गई रिपोर्ट के मुताबिक नरसिंहपुर जिले ने इसमेेंं प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।
अभिनव, समन्वयक तेजस्विनी कार्यक्रम