नरसिंहपुर

बारिश का ज़ादू

कविता कोना-
less than 1 minute read
1101nsp_indu_singh.jpg
indu singh narsinghpur

बारिश का ज़ादू
झर रही
बूंदें जो आसमां से
अमृत हैं वो
सिक्के की तरह
धरा की गुल्लक में इनको
बंद कर के रख लो
बना सकते नहीं
बादल और बरसात कभी
न सूरजए न चाँद
फिर करते किस बात का घमंड हम
क्यों, मिटाते कुदरत का चमन
जिसे रचने की कूवत नहीं
पानी ये वो जीवन है
बूंद बूंद इसकी सहेज लो
वर्षा के पानी का सरंक्षण करो
गंवाओ न ये मोती व्यर्थ
कल इसे ही ढूंढने में होगा कष्ट
रब ने ये खज़ाना लुटाया
रोपो पौधे नये नये
जिनमें ये सब जायेंगे रखे
सूद की तरह फिर मिलेंगे कल
वृक्ष जब एफडी की तरह पक जायेंगे
उनकी शाखाओं से हम
एक का दस पायेंगे
मौसम अनुकूल आया है
मरते हुयों ने जीवन पाया हैं
देखो, बारिश का जादू
सब पर छाया है ।।
इंदु सिंह इन्दुश्री युवा कवयित्री नरसिंहपुर
परिचय-इंदु सिंह नरसिंहपुर की युवा कवयित्री हैं, इसके अलावा वे योगाचार्य भी हैं और योग के माध्यम से लोगों को निरोग बनाने के लिए योग शिविर भी आयोजित करती हैं।

Also Read
View All
योजनाओं के कार्यो में लापरवाही पर वेतन वृद्धि, इंक्रीमेंट रोकने निर्देश, स्क्रीनिंग बढ़ाने कलेक्टर ने दिया जोर

बारिश में मुनाफा कमाने की होड़ में नदियों से रेत निकालकर हो रहा स्टॉक, संयुक्त टीम ने की 258 घनमीटर रेत जब्त

पलोहाबड़ा में संयुक्त टीम ने जब्त की 48 ट्रॉली रेत, 6 ट्रॉली गिट्टी, पंचायत भवन व मुक्तिधाम के पास लगे थे ढेर

जिले की कई एंबुलेंस में दवाइ, स्टपनी, आक्सीजन, अलार्म नहीं, शॉकअप खराब, ऑडिट में खुल रही खामियों की पोल

फैटी लीवर की पहचान अब जिले में, पहली बार होगी इलास्टोग्राफी जांच, मरीजों के लिए पंजीयन प्रक्रिया