Aparajita Bill : भाजपा संसोधन की मांग करते हुए इस बिल का विरोध कर रही है। शुभेंदु सरकार ने कहा कि बिल को लेकर हमारा पूरा समर्थन है लेकिन प्रकिया को पूरा नहीं किया गया है।
पश्चिम बंगाल में अगर अब किसी ने बलात्कार करने की हिमाकत की तो उसे दोषी पाए जाने के 10 दिन के भीतर फांसी पर लटका दिया जाएगा। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपराजिता बिल विधानसभा में पेश किया। यहां यह बिल ध्वति मत से पारित कर दिया गया। भाजपा संसोधन की मांग करते हुए इस बिल का विरोध कर रही है। शुभेंदु सरकार ने कहा कि बिल को लेकर हमारा पूरा समर्थन है लेकिन प्रकिया को पूरा नहीं किया गया है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कहा कि राज्यपाल बिल पर हस्ताक्षर करें जिससे जल्द से जल्द लागू किया जा सके।
1.अपराजिता महिला एवं बाल विधेयक बलात्कार और यौन अपराधों से संबंधित प्रावधानों को शामिल करके महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा मजबूत करेगा।
2.भारतीय न्याय संहिता 2023, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, 2023 अधिनियम और यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम 2012 को पश्चिम बंगाल में संसोधन का प्रस्ताव है।
3.अपराजिता महिला एवं बाल विधेयक में दोषी साबित होने पर दस दिन के अंदर फांसी और सामूहिक बलात्कार के दोषियों को कारावास की सजा का प्रावधान है।
4.बलात्कार के मामलों की जांच प्रारंभिक रिपोर्ट के 21 दिनों के भीतर पूरी करनी है। यह पहले 2 माह थी।
5.कई बार अपराध करने वाले को आजीवन करावास होगा। वह कभी भी जीवन काल में जेल से बाहर नहीं आ पाएगा।
6.बलात्कार के मामले में किसी भी सामग्री का बिना अनुमति प्रकाशन नहीं होगा। इसके प्रकाशन पर पांच साल तक की सजा का प्रावधान है।
7.पुलिस उपाधीक्षक के नेतृत्व में जिला स्तर पर ‘अपराजिता कार्यबल’ बनेगा। यह जांच के लिए जिम्मेंवार होगा।
8.बलात्कार के मामले दर्ज न करने वाले पुलिसकर्मियों को निलंबित किया जाएगा
9.यह विधेयक 5 सितंबर से लागू कर दिया जाएगा