BJP attacks Arvind Kejriwal: भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जोरदार हमला बोला है।
BJP attacks Arvind Kejriwal: भारतीय जनता पार्टी ने एक बार फिर दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर जोरदार हमला बोला है। दिल्ली बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा के आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजनक केजरीवाल के आवास को लेकर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि पूर्व सीएम ने अपने आवास को सात स्टार रिसॉर्ट में बदल दिया है। बता दें कि इससे पहले भी राजधानी दिल्ली की कानून व्यवस्था को लेकर बीजेपी और आप आमने-सामने है।
बीजेपी नेता वीरेंद्र सचदेवा ने मंगलवार को सोशल मीडिया के जरिए केजरीवाल पर निशाना साधा है। उन्होंने अपने एक्स अकाउंट पर केजरीवाल के पूर्व आवास का एक वीडियो साझा किया। इसके कैप्शन में लिखा कि जनता के पैसे खाकर उन्होंने 7 स्टार रिसॉर्ट का निर्माण करवाया।
वीरेंद्र सचदेवा ने लिखा, खुद को आम आदमी कहने वाले अरविंद केजरीवाल की अय्याशी के शीश महल की सच्चाई को बताते और दिखाते हैं। जनता के पैसे खाकर अपने लिए 7-स्टार रिसॉर्ट का निर्माण करवाया है। शानदार जिम, मार्बल ग्रेनाइट, लाइटिंग आदि में करोड़ों खर्च किए। बच्चों की कसम खाकर सरकारी घर, गाड़ी, सुरक्षा ना लेने का झूठा वादा करने वाले कैसे दिल्ली के टैक्स पेयर्स की कमाई लूट रहें है। इतने पैसों में दिल्ली का आम आदमी, डीडीए के 34 ईडब्ल्यूएस फ्लैट या 15 एलआईजी फ्लैट या 150 सीएनजी ऑटो या 326 ई-रिक्शा खरीद सकता है!
भाजपा नेता वीरेंद्र सचदेवा ने अपने बयान में दिल्ली के मुख्यमंत्री और उनकी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने जनता के टैक्स के पैसे का दुरुपयोग करके अपनी व्यक्तिगत सुविधाओं के लिए "शीश महल" जैसा आलीशान आवास तैयार कराया। उनके बयान में यह आरोप भी शामिल है कि दिल्ली सरकार "शराब नीति" से जुड़े घोटालों और अवैध धन से लाभ कमा रही है।
वीरेंद्र सचदेवा ने जनता से अपील की कि वे इस स्थिति को समझें और जानें कि किस तरह के व्यक्ति को उन्होंने मुख्यमंत्री के रूप में चुना है। उन्होंने यह भी दावा किया कि दिल्ली सरकार अपने ही दायित्वों के खिलाफ काम कर रही है और यह स्थिति जनता के विश्वास के साथ "विश्वासघात" के समान है।
यह बयान राजनीतिक प्रतिद्वंद्विता का हिस्सा है और इसके पीछे का उद्देश्य दिल्ली सरकार और मुख्यमंत्री की छवि को नुकसान पहुंचाना हो सकता है। वहीं, "शीश महल" और "शराब नीति" जैसे मुद्दे पहले से ही राजनीतिक बहस का हिस्सा रहे हैं। इस तरह के आरोपों की सत्यता और जांच के लिए स्वतंत्र रूप से तथ्यों और सबूतों की आवश्यकता होती है।