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कर्नाटक में सीएम के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद पर भी हुआ बदलाव, बीके हरिप्रसाद को राज्य में कांग्रेस संगठन की मिली जिम्मेदारी

New Karnataka Congress President: कर्नाटक कांग्रेस में बड़ा बदलाव हुआ है। मुख्यमंत्री बनने के बाद डीके शिवकुमार ने प्रदेश अध्यक्ष पद छोड़ दिया, जिसके बाद बीके हरिप्रसाद को नया केपीसीसी अध्यक्ष नियुक्त किया गया। छह साल तक संगठन की कमान संभालने वाले शिवकुमार ने पार्टी को मजबूत करने और 2023 की जीत में अहम भूमिका निभाई।

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Jun 03, 2026
New Karnataka Congress President
डीके शिवकुमार और बीके हरिप्रसाद(फोटो-@HariprasadBK2)

Congress: कर्नाटक की राजनीति में बड़ा संगठनात्मक बदलाव देखने को मिला है। मुख्यमंत्री पद की जिम्मेदारी संभालने के बाद डीके शिवकुमार ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष का पद छोड़ दिया है। उनके स्थान पर वरिष्ठ कांग्रेस नेता बीके हरिप्रसाद को कर्नाटक प्रदेश कांग्रेस समिति का नया अध्यक्ष बनाया गया है। कांग्रेस की ओर से जारी आधिकारिक लेटर में कहा गया है कि पार्टी अध्यक्ष ने बीके हरिप्रसाद की नियुक्ति तत्काल प्रभाव से मंजूर कर दी है। साथ ही पार्टी ने निवर्तमान अध्यक्ष डीके शिवकुमार के योगदान की भी सराहना की है।

मुख्यमंत्री बनने के बाद संगठन से अलग हुई जिम्मेदारी


बुधवार को डीके शिवकुमार ने कर्नाटक के 25वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष का पद छोड़ने का फैसला किया। उन्होंने अपना इस्तीफा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे को भेज दिया। पार्टी के भीतर लंबे समय से यह माना जा रहा था कि सरकार और संगठन की जिम्मेदारियां अलग-अलग नेताओं के पास रहनी चाहिए। ऐसे में शिवकुमार के मुख्यमंत्री बनने के बाद नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति लगभग तय मानी जा रही थी।

छह साल तक संभाली कांग्रेस की कमान


डीके शिवकुमार ने जुलाई 2020 में कर्नाटक कांग्रेस अध्यक्ष का पद संभाला था। उस समय पार्टी कई चुनौतियों से जूझ रही थी। एक तरफ कोरोना महामारी का दौर था तो दूसरी ओर कांग्रेस आंतरिक गुटबाजी का भी शिकार थी। शिवकुमार की नियुक्ति के समय उनके खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों की जांच भी चल रही थी। इसके बावजूद पार्टी नेतृत्व ने उन पर भरोसा जताया और संगठन की जिम्मेदारी सौंपी।

2023 की जीत में निभाई अहम भूमिका


कर्नाटक विधानसभा चुनाव 2023 में कांग्रेस की शानदार जीत के पीछे डीके शिवकुमार की भूमिका को काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। उन्होंने राज्यभर में लगातार यात्राएं कीं, कार्यकर्ताओं को सक्रिय रखा और सरकार के खिलाफ मुद्दों को जनता तक पहुंचाया। संगठन को मजबूत करने और जमीनी स्तर पर कांग्रेस को सक्रिय बनाने में उनकी रणनीति सफल रही। इसी का नतीजा था कि कांग्रेस सत्ता में वापसी करने में कामयाब हुई।

अब हरिप्रसाद के सामने नई चुनौती


बीके हरिप्रसाद अब ऐसे समय में प्रदेश कांग्रेस की कमान संभाल रहे हैं जब पार्टी राज्य में सत्ता में है। उनके सामने संगठन और सरकार के बीच बेहतर तालमेल बनाए रखने की जिम्मेदारी होगी। साथ ही आगामी चुनावों और राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए कांग्रेस नेतृत्व उनसे संगठन को और मजबूत करने की उम्मीद कर रहा है।

Published on:
03 Jun 2026 09:36 pm