
Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा उपचुनावों और निकाय चुनावों से ठीक पहले भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बड़ा राजनीतिक दांव खेला है। पार्टी ने राज्य में संगठन को मजबूत करने के लिए 263 नेताओं की एक बड़ी टीम का ऐलान कर दिया है। बंगाल बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने करीब 14 महीने के लंबे इंतजार के बाद इस टीम की घोषणा की है। इस नई सूची में पार्टी ने अपने सभी बड़े दिग्गजों, सांसद-विधायकों और केंद्रीय मंत्रियों को अलग-अलग जिलों की सीधी कमान सौंप दी है।
हाल ही में प्रदेश की दो विधानसभा सीटों नंदीग्राम और रेजीनगर में उपचुनाव की घोषणा हुई है, जिनकी नामांकन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। इसके अलावा दुर्गा पूजा के बाद कोलकाता और हावड़ा समेत राज्य के कई प्रमुख नगर निगमों व निकायों में चुनाव होने प्रस्तावित हैं। सबसे ज्यादा चर्चा में रहने वाली नंदीग्राम सीट तमलुक जिले में आती है, इसलिए वहां की जिम्मेदारी पार्टी के शीर्ष नेता और सीएम शुभेंदु अधिकारी को दी गई है। वहीं, उनके पिता और वरिष्ठ नेता शिशिर अधिकारी को कांथी (कोंटाई) जिले का जिम्मा दिया गया है।
पार्टी ने पुराने कार्यकर्ताओं और नए चेहरों के बीच संतुलन बनाने का प्रयास किया है। प्रमुख नेताओं को आवंटित जिले इस प्रकार हैं-
शुभेंदु अधिकारी: तमलुक (जिसमें नंदीग्राम सीट शामिल है)
सुकांत मजूमदार: दक्षिण दिनाजपुर
शांतनु ठाकुर: बनगांव (बोंगांव)
निशीथ प्रमाणिक: कूचबिहार
तापस रॉय: उत्तर कोलकाता
शिशिर अधिकारी: कांथी (कोंटाई)
अभिजीत दास: डायमंड हार्बर
जगन्नाथ चट्टोपाध्याय: बीरभूम
शंकर घोष: सिलीगुड़ी
इसके अलावा राजकमल पाठक और श्यामचांद घोष जैसे पुराने व अनुभवी नेताओं को भी टीम में शामिल कर सभी को साथ लाने की कोशिश की गई है।
प्रदेश अध्यक्ष बनने के बाद समिक भट्टाचार्य की इस नई टीम का लंबे समय से इंतजार किया जा रहा था। उपचुनावों की आहट होते ही पार्टी ने संगठनात्मक फेरबदल की प्रक्रिया पूरी की। एक से अधिक सीटों पर जीत के बाद जनप्रतिनिधियों के इस्तीफे से खाली हुई नंदीग्राम और रेजीनगर सीटों को जीतने के लिए बीजेपी ने पूरी ताकत झोंक दी है। 263 सदस्यीय इस जंबो टीम के जरिए बीजेपी का मकसद न केवल उपचुनाव जीतना है, बल्कि आने वाले निकाय चुनावों के लिए भी कैडर में नई ऊर्जा का संचार भी करना है।