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वीजा-पासपोर्ट की टेंशन खत्म! अब आसान हुआ भूटान का सफर, ये भारतीय शहर बना गेटवे

Visa Free Travel: पश्चिम बंगाल के जयगांव से भूटान के फुएंत्शोलिंग तक बिना वीजा आसान डे-ट्रिप की जा सकती है, जहां सुबह जाकर शाम तक लौटा जा सकता है।

2 min read
Mar 26, 2026
भूटान जाने के लिए वीजा-पासपोर्ट की टेंशन खत्म (AI Image)

Bhutan Travel Rules Indians: भूटान अपनी शांत वादियों, खूबसूरत मठों और प्राकृतिक सौंदर्य के लिए दुनियाभर में फेमस है। भारतीय यात्रियों के बीच भी यह एक पसंदीदा डेस्टिनेशन है, लेकिन अक्सर लोग पासपोर्ट-वीजा की प्रक्रिया को लेकर हिचकिचाते हैं खासकर तब, जब वे सिर्फ एक दिन की यात्रा करना चाहते हैं।

कौनसा भारतीय शहर बना गेटवे?

अच्छी बात यह है कि भारत का एक छोटा सा शहर इस परेशानी को लगभग खत्म कर देता है। पश्चिम बंगाल के अलीपुरद्वार जिले में स्थित जयगांव से आप सीधे भूटान के फुएंत्शोलिंग शहर में प्रवेश कर सकते हैं। यहां से यात्रा इतनी आसान है कि आप सुबह भारत में नाश्ता कर, दोपहर में भूटान घूमकर शाम तक वापस लौट सकते हैं।

पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र

जयगांव का सबसे प्रमुख आकर्षण भूटान गेट है, जो अपनी रंगीन और पारंपरिक वास्तुकला के लिए जाना जाता है। यह गेट भूटानी संस्कृति की पहली झलक देता है और पर्यटकों के लिए खास आकर्षण का केंद्र है।

क्या है नियम?

भूटान यात्रा के नियम भारतीयों के लिए काफी सरल हैं। वीजा की जरूरत नहीं होती, लेकिन एंट्री परमिट लेना अनिवार्य है। इसके लिए आप पासपोर्ट या वोटर आईडी का इस्तेमाल कर सकते हैं। अगर पासपोर्ट है तो उसकी वैधता कम से कम छह महीने होनी चाहिए। बच्चों के लिए पासपोर्ट या जन्म प्रमाण पत्र जरूरी होता है।

कितना होगा खर्चा?

खर्च की बात करें तो भूटान में रुकने पर सतत विकास शुल्क (SDF) देना पड़ता है, जो वयस्कों के लिए 1200 रुपये प्रति रात है। हालांकि, अगर आप केवल फुएंत्शोलिंग में एक दिन की यात्रा करते हैं और रात में नहीं रुकते, तो यह शुल्क नहीं देना पड़ता। यही वजह है कि कई लोग डे-ट्रिप प्लान करते हैं। अगर आप अपनी गाड़ी से जाना चाहते हैं, तो सीमावर्ती क्षेत्र तक भारतीय वाहनों को अनुमति है, लेकिन आगे जाने पर अतिरिक्त परमिट और ग्रीन टैक्स देना होता है।

जयगांव के आसपास भी घूमने की जगह

जयगांव के आसपास भी घूमने के कई शानदार विकल्प हैं। जलदापारा राष्ट्रीय उद्यान और बुक्सा टाइगर रिजर्व जैसे स्थान वन्यजीव प्रेमियों के लिए आदर्श हैं, जबकि तोर्शा नदी के किनारे सुकून भरे पल बिताए जा सकते हैं। हासिमारा क्षेत्र अपनी चाय बागानों और सांस्कृतिक विविधता के लिए जाना जाता है। यहां पहुंचना भी आसान है। बागडोगरा हवाई अड्डा सबसे नजदीकी एयरपोर्ट है, जबकि अलीपुरद्वार जंक्शन, न्यू अलीपुरद्वार और न्यू कूच बिहार प्रमुख रेलवे स्टेशन हैं, जहां से सड़क मार्ग द्वारा जयगांव पहुंचा जा सकता है।

Published on:
26 Mar 2026 08:25 am
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