Jammu Kashmir Elections: उमर अब्दुल्ला ने आरोप लगाया कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में सरकार का हिस्सा बनाने के लिए कुछ क्षेत्रीय दलों और कुछ निर्दलीय उम्मीदवारों के साथ 'सौदा किया है'।
जम्मू—कश्मीर और हरियाणा में विधानसभा चुनावों के प्रचार की सरगर्मी तेज होने के साथ—साथ आरोपों—प्रत्यारोपों का दौर भी परवान पर आ गया है। जम्मू—कश्मीर में पार्टी का घोषणा पत्र जारी करने के दूसरे दिन शनिवार को केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कांग्रेस, नेशनल कॉन्फ्रेंस और महबूबा मुफ्ती की पीडीपी पर जम्मू-कश्मीर को लूटने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह जीते तो यहां आतंक का राज होगा। वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता उमर अब्दुल्ला ने शनिवार को आरोप लगाया कि भाजपा ने जम्मू-कश्मीर में सरकार का हिस्सा बनाने के लिए कुछ क्षेत्रीय दलों और कुछ निर्दलीय उम्मीदवारों के साथ 'सौदा किया है'।
शाह ने जम्मू में लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'राहुल बाबा कहते हैं कि हम जम्मू-कश्मीर को राज्य का दर्जा वापस देंगे। आप क्यों जनता को गुमराह कर रहे हैं। यह दर्जा तो सिर्फ भारत सरकार दे सकती है। प्रधानमंत्री दे सकते हैं। हम पहले ही कह चुके हैं चुनाव के बाद उचित समय पर जम्मू कश्मीर को राज्य का दर्जा दिया जाएगा। जो चीज हम पहले ही दे चुके हैं, उसे यह मांग रहे हैं।
आतंकवाद घटाया, सिनेमाघर खुले: पिछली सरकारों को घेरते हुए शाह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में 10 वर्षों में भाजपा ने आतंकवाद को 70% तक कम करने का काम किया है और आतंकवादियों से लोहा भी लिया है। उन्होंने अमरनाथ यात्रा की सफलता और सिनेमाघरों को फिर से खोलने को इसका सबूत बताया और कहा कि अगर कांग्रेस—नेशनल कॉन्फ्रेंस का गठजोड़ जम्मू-कश्मीर की सत्ता में लौटा तो आतंकवाद फिर से वापस आ जाएगा।
जम्मू-कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला के 2001 के संसद हमले के दोषी पर शुक्रवार के बयान 'अफजल गुरु को फांसी देने से कोई फायदा नहीं हुआ' पर भारतीय जनता पार्टी ने उन्हें घेर लिया है। जम्मू-कश्मीर के पूर्व उपमुख्यमंत्री और भाजपा के कविंदर गुप्ता ने कहा, 'अगर भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले राष्ट्रविरोधी तत्वों को मौत की सजा दी जाती है, तो उन्हें इस पर आपत्ति क्यों है? वे आतंकवादियों से समर्थन ले रहे हैं। इसलिए वे ऐसी भाषा बोल रहे हैं।' उमर ने कहा था कि अफजल गुरु की फांसी में जम्मू-कश्मीर सरकार की कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने कहा कि अगर राज्य की मंजूरी की जरूरत होती, तो यह मंजूरी नहीं दी जाती।
हरियाणा विधानसभा चुनाव से पहले पहलवान विनेश फोगाट और बजरंग पूनिया के कांग्रेस में शामिल होने के बाद वार—पलटवार शुरू हो गए हैं। कुश्ती महासंघ के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि ‘अब ये साफ हो गया है कि मुझे बदनाम करने और खिलाड़ियों के आंदोलन के पीछे कांग्रेस थी। यह महिला खिलाड़ियों के सम्मान के लिए नहीं राजनीति के लिए लड़ रहे थे। ख़ासतौर पर भूपेंद्र सिंह हुड्डा, दीपेंद्र हुड्डा, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी इसके पीछे हैं। यह इन्हीं की लिखी पटकथा थी।' कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने बृजभूषण पर पलटवार करते हुए कहा, भाजपा गलत काम करने वालों के लिए स्टैंड लेती है और कांग्रेस गलत के खिलाफ आवाज उठाती है। कांग्रेस ने हरियाणा विधानसभा चुनाव में फोगाट को कांग्रेस ने जुलाना से टिकट दिया है तो वहीं बजरंग को पार्टी में ऑल इंडिया किसान कांग्रेस का कार्यकारी चेयरमैन बनाया गया है।