राष्ट्रीय

Punjab Election: BJP-SAD की फिर होगी दोस्ती? गठबंधन हुआ तो 38 सीटों पर बदल सकता है पूरा खेल

BJP SAD Alliance Punjab 2027: पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले BJP और SAD के बीच दोबारा गठबंधन की चर्चा तेज है। दोनों दलों के बीच सीट बंटवारे को लेकर बातचीत संभावित है। लोकसभा चुनाव के वोट शेयर और विधानसभा-वार प्रदर्शन के आधार पर BJP गठबंधन में अधिक सीटों की मांग कर सकती है।
3 min read
BJP Akali Dal seat sharing
क्या पंजाब में BJP-SAD का होगा गठबंधन? (Photo-IANS)

Punjab Election: पश्चिम बंगाल में अगले साल विधानसभा चुनाव होने हैं। इससे पहले बीजेपी प्रदेश की राजनीति में अपनी स्थिति मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। विधानसभा चुनाव से पहले BJP और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के बीच दोबारा गठबंधन की अटकलें लगाई जा रही है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर बातचीत का एक दौर हो चुका है, जबकि दूसरे दौर की चर्चा जल्द होने की संभावना है।

न्यूज-18 ने अपनी रिपोर्ट में सूत्रों के हवाले से लिखा कि बातचीत में मुख्य रूप से सीट बंटवारे और किन विधानसभा क्षेत्रों से कौन-सा दल चुनाव लड़ेगा, जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है।

हरसिमरत कौर बादल के बयान से बढ़ी हलचल

बता दें कि दोनों दलों के बीच गठबंधन की संभावनाओं को उस समय और बल मिला जब शिरोमणि अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर ने दिल्ली से पंजाब के विकास और प्रगति से जुड़े संभावित समझौतों का जिक्र किया। 

SAD नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी दोनों दलों के पुराने रिश्ते का हवाला देते हुए कहा कि BJP और अकाली दल का गठबंधन अटल बिहारी वाजपेयी और प्रकाश सिंह बादल के दौर में बना था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल में भी जारी रहा। हालांकि, कृषि कानूनों के मुद्दे पर दोनों दल अलग हो गए थे।

मजीठिया के मुताबिक, पंजाब की मौजूदा स्थिति को देखते हुए लोग BJP और SAD को फिर साथ देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अंतिम फैसला दोनों दलों का शीर्ष नेतृत्व करेगा और आने वाले दिनों में तस्वीर और साफ होगी।

BJP को वोट शेयर में दिख रहा फायदा

BJP को उम्मीद है कि SAD के साथ गठबंधन से विधानसभा चुनाव में दोनों दलों की स्थिति मजबूत हो सकती है। बता दें कि पिछले लोकसभा चुनाव में बीजेपी और एसएडी ने अलग-अलग चुनाव लड़ा था। 

BJP भले ही पंजाब की 13 लोकसभा सीटों में से एक भी सीट नहीं जीत सकी, लेकिन उसे 18.56 प्रतिशत वोट मिले थे। वहीं SAD को एक सीट पर जीत मिली और उसका वोट शेयर 13.42 प्रतिशत रहा। वहीं दोनों दलों को मिले वोट को जोड़ें तो यह करीब 32 प्रतिशत बैठता है।

BJP का मानना है कि यदि गठबंधन कुछ अतिरिक्त वोट अपने पक्ष में करने में सफल रहता है तो वह सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (AAP) को कड़ी चुनौती दे सकता है। BJP AAP सरकार के खिलाफ सत्ता विरोधी माहौल बनने का भी दावा कर रही है।

हालांकि, पिछले विधानसभा चुनाव में दोनों दलों का प्रदर्शन अलग रहा था। SAD ने 18.38 प्रतिशत वोट के साथ 117 में से 3 सीटें जीती थीं, जबकि BJP को 6.60 प्रतिशत वोट के साथ 2 सीटों पर जीत मिली थी।

38 विधानसभा सीटों पर BJP की नजर

दरअसल, लोकसभा चुनाव के विधानसभा-वार आंकड़ों को BJP अपने पक्ष में मान रही है। चुनाव में BJP करीब 23 विधानसभा क्षेत्रों में आगे रही थी, जबकि SAD ने 9 क्षेत्रों में बढ़त बनाई थी।

इसके अलावा BJP करीब 17 विधानसभा क्षेत्रों में दूसरे स्थान पर रही और SAD लगभग 14 सीटों पर दूसरे नंबर पर रही। BJP का दावा है कि उसने 5 सीटें 5 हजार से कम वोटों के अंतर से और 10 सीटें 10 हजार से कम वोटों के अंतर से गंवाईं।

पार्टी इसे पंजाब की करीब 38 विधानसभा सीटों पर अपनी मजबूत स्वतंत्र स्थिति के संकेत के तौर पर देख रही है। ऐसे में गठबंधन होने पर BJP पिछली बार की तुलना में अधिक सीटों पर चुनाव लड़ने की मांग कर सकती है।

24 साल पुराना गठबंधन रहा है दोनों दलों का

BJP और SAD का गठबंधन 1996 से 2020 तक करीब 24 वर्षों तक चला। दोनों दलों ने मिलकर कई चुनावों में बड़ी सफलता हासिल की।

1997 के विधानसभा चुनाव में SAD ने 75 और BJP ने 18 सीटें जीती थीं। 2007 में SAD को 49 और BJP को 19 सीटें मिलीं। वहीं 2012 में गठबंधन ने लगातार दूसरी बार सरकार बनाकर इतिहास रचा। उस चुनाव में SAD ने 56 और BJP ने 12 सीटों पर जीत दर्ज की थी। 

Updated on:
22 Aug 2026 10:46 am
Published on:
22 Aug 2026 10:46 am