22 अगस्त 2026,

शनिवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सदी का सबसे खतरनाक अल नीनो, भारत में मानसून पर छाए संकट के बादल, इन फसलों पर पड़ सकती है भारी मार

Weather Update: 100 साल का सबसे खतरनाक अल नीनो आ रहा है। प्रशांत महासागर में रिकॉर्ड गर्मी से भारत में मानसून पर संकट और फसलों को नुकसान होने का डर है। पढ़ें पूरी खबर...
2 min read
Google source verification

भारत

image

Pratiksha Gupta

Aug 22, 2026

Wheat Production, Rabi Crop Risk, Extreme Heatwave

अल नीनो के असर से कमजोर पड़ता मॉनसून, भारत में फसलों पर मंडराया संकट (फोटो सोर्स- Chatgpt)

Weather News: दुनिया भर में मौसम का मिजाज एक बार फिर तेजी से बदलने वाला है और इस बार जो चेतावनी आई है, वो बेहद डरावने संकेत दे रही है। ब्रिटेन के मौसम कार्यालय (Met Office) के अनुसार, प्रशांत महासागर में पानी का तापमान सामान्य से 3°C से भी अधिक ऊपर जा सकता है। यह 100 साल से भी अधिक समय में अब तक का सबसे शक्तिशाली और भयंकर 'अल नीनो' साबित होने जा रहा है। इस बढ़ती गर्मी की वजह से साल 2027 दुनिया का अब तक का सबसे गर्म साल बन सकता है। लेकिन भारत के लिए ये बहुत ज्यादा परेशानी वाली बात है, क्योंकि इसका सीधा असर हमारे मानसून और खेतों में पक रही फसलों पर पड़ने वाला है।

खेतों में सूखे का डर, फसलों पर कैसे पड़ेगा असर?

भारत में कृषि सीधे तौर पर मानसून से जुड़ी है। अल नीनो के एक्टिव होने से मानसून की बारिश थम सी गई है और इस बार सामान्य से काफी कम बारिश का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिकों और कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि इसका असर सिर्फ इस साल तक सीमित नहीं रहेगा।

  • रबी और खरीफ फसलें खतरे में: इस साल रबी की फसल (जैसे गेहूं, सरसों) पर तो असर पड़ेगा ही, साथ ही आने वाले सीजन में खरीफ की फसल को भी नुकसान हो सकता है।
  • गर्मी और भीषण लू: मानसून के बाद और अगले साल वसंत के मौसम में देश को भीषण हीटवेव (लू) का सामना करना पड़ सकता है, जिससे फसलों की गुणवत्ता और पैदावार दोनों गिर सकती हैं।
  • महंगाई का खतरा: जब पैदावार कम होगी तो खाने-पीने की चीजें महंगी होंगी। सरकार ने अभी से तेल और चीनी की सप्लाई बनाए रखने के लिए तैयारी शुरू कर दी है।

100 साल का रिकॉर्ड टूटने की आशंका

Met Office के लॉन्ग-रेंज फोरकास्ट प्रमुख एडम स्केफ ने बताया कि उन्होंने अपने पूरे करियर में अल नीनो का इतना खतरनाक और तीव्र रुख कभी नहीं देखा। अमेरिकी एजेंसी के डेटा मॉडल तो यह इशारा कर रहे हैं कि प्रशांत महासागर का तापमान रिकॉर्ड 3.9°C तक पहुंच सकता है। वैज्ञानिकों का साफ कहना है कि यह कोई दो-चार दिन का मौसम बदलाव नहीं है, बल्कि यह एक लंबी और भयानक प्राकृतिक आपदा का संकेत है जो 2015-16 के पिछले सबसे बड़े रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ देगा।

2027 बनेगा सबसे गर्म साल

अल नीनो के दौरान समुद्र की सतह गर्म होने का असर पूरी दुनिया के वैश्विक तापमान पर अगले साल सबसे ज्यादा दिखाई देता है। यही वजह है कि 2027 के ऑल-टाइम हॉटेस्ट ईयर बनने की लगभग पूरी संभावना है। वैश्विक तापमान में यह बढ़ोतरी अंतरराष्ट्रीय जलवायु मानकों (1.5°C) की सीमा को पार कर सकती है, जिससे पूरी दुनिया में मौसम का संतुलन बिगड़ सकता है।

क्या होता है अल नीनो?

19वीं सदी में पेरू के मछुआरों ने क्रिसमस के आसपास समुद्र में आने वाली गर्म पानी की धारा को 'अल नीनो' नाम दिया था। स्पैनिश भाषा में इसका मतलब 'द बॉय' या 'बालक ईसा' होता है। जब भी प्रशांत महासागर में यह घटना होती है, तो भारत में मानसूनी हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं और बारिश कम हो जाती है।