Budget Expectations 2024: पीएम आशा योजना (PM Asha Yojana) में हो सकता है बदलाव, पीएम किसान योजना (PM Kisan Yojana) में भी किसानों को मिलने वाली सहायता राशि 8000 करने की तैयारी कर रही सरकार। MSP पर किसानों के 100 फीसदी दलहन-तिलहन की खरीद कर सकती है मोदी सरकार।
Budget Expectations 2024: देश के अन्नदाताओं यानी किसानों को वित्त वर्ष 2024-25 के आम बजट में बड़ा तोहफा मिलने की उम्मीद है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, सरकार पीएम किसान सम्मान निधि (PM Kisan Samman Nidhi) की राशि को मौजूदी 6000 रुपए से बढ़ाकर 8000 रुपए कर सकती है। इसके अलावा आम बजट में प्रधानमंत्री अन्नदाता संरक्षण अभियान (PM आशा) योजना में भी बदलाव हो सकता है। इस योजना के तहत दलहन और तिलहन की 100% फसलों की सीधी खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर किया जा सकता है। कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान पहले भी कह चुके हैं कि सभी राज्यों से अरहर, उड़द और मसूर की 100% खरीद MSP पर करने का सरकार का संकल्प है।
दलहन और तिलहन किसानों को MSP प्रदान करने के मकसद से कुछ साल पहले शुरू की गई इस योजना में पहले कोई किसान एमएसपी पर एक निश्चित मात्रा तक ही उपज बेच सकता था। केंद्र सरकार किसी सीजन में हुई वास्तविक फसल का 25% ही एमएसपी पर खरीदने के लिए बाध्य थी। राज्य सरकार 25% से अधिक उपज खरीदना चाहती थी तो उसे अपने पास से रकम लगानी पड़ती थी। बाद में यह सीमा बढ़ाकर 40% कर दी गई। 2023-24 में केंद्र ने अरहर, उड़द और मसूर के लिए 40% खरीद की सीमा हटा ली थी। अब खरीद की सीमा 100% तक बढ़ाई जाएगी। यानी अगर बाजार में कीमतें एमएसपी से कम हुईं तो किसानों की दलहन और तिलहन की पूरी उपज एमएसपी पर खरीदी जाएगी।
पीएम-आशा योजना के नियमों में बदलाव के बाद बाजार में कीमतें घटने पर किसान सरकार से अपनी समूची दलहन और तिलहन उपज के दाम के अंतर के बराबर मुआवजा पाने के हकदार हो जाएंगे। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, अगर किसी वजह से तिलहन और दलहन की कीमतें एमएसपी से 10 से 15% तक गिरती हैं तो जरूरत पडऩे पर उसकी भरपाई सरकार की ओर से की जा सकती है। हर साल 24 से ज्यादा फसलों के एमएसपी तय करने वाले कृषि लागत और मूल्य आयोग (CACP) ने अपनी हालिया रिपोर्ट में दलहन की सरकारी खरीद पर कोई बंदिश नहीं लगाने और तिलहन के दाम MSP से नीचे जाने पर उस अंतर की भरपाई करने की सलाह दी है।
CACP ने अपनी रिपोर्ट में कहा, मूल्य समर्थन योजना के तहत अरहर, उड़द और मसूर की खरीद के लिए 40% की जो सीमा 2023-24 में हटा ली गई थी, उसे अगले 2 से 3 साल के लिए बढ़ाना चाहिए ताकि किसानों के लिए उपज का उचित मूल्य पक्का हो सके। कृषि लागत मूल्य आयोग (सीएसीपी) ने खाद्य तेलों के लिए राष्ट्रीय मिशन का दायरा सरसों, सोयाबीन, सूरजमुखी, मूंगफली आदि तक बढ़ाने की सिफारिश की है। साथ ही मूल्य में अंतर के भुगतान की योजना के तहत तिलहन की खरीद में निजी क्षेत्र की ज्यादा भागीदारी का सुझाव देने के साथ ही पीएम-आशा के तहत निजी खरीद एवं स्टॉकिस्ट योजना के परीक्षण की भी सिफारिश की है।
-पीएम आशा योजना (PM Asha Yojana) में हो सकता है बदलाव, पीएम किसान योजना (PM Kisan Yojana) में भी किसानों को मिलने वाली सहायता राशि 8000 करने की तैयारी कर रही सरकार। MSP पर किसानों के 100 फीसदी दलहन-तिलहन की खरीद कर सकती है मोदी सरकार।
-2024-25 के पूर्ण आम बजट में सरकार प्रधानमंत्री अन्नदाता संरक्षण अभियान योजना में सरकार कर सकती है संशोधन
- एमएसपी पर कई दलहन और तिलहन की पूरी उपज की खरीदारी होने की उम्मीद
- बाजार में इन दलहन और तिलहन की कीमतें एमएसपी से कम होने पर किसानों को कीमत का अंतर दिए जाने का भो हो सकता है प्रस्ताव