Indian Railways जुलाई में आम बजट (Budget 2024) पेश होने वाला है। इस बजट को लेकर आम जनता को उम्मीद हैं कि महंगाई को कम करने के लिए सरकार कई अहम घोषणा कर सकती है।
Senior Citizens Ticket Concession: भारतीय रेलवे (Indian Railways) को देश की जीवनरेखा भी कहा जाता है। देश की अर्थव्यवस्था के लिए रेलवे सेक्टर का बहुत बड़ा योगदान है। लोगों की जर्नी को आरामदायक बनाने और किफायती के लिए भारतीय रेलवे यात्रियों को कई सुविधाएं देता है। अगर आपके परिवार में सीनियर सिटीजन (Senior Citizens) हैं या आप इस कैटेगरी में आते हैं और अक्सर ट्रेन से सफर करते हैं तो यह खबर आपके काम की है। Covid महामारी के दौरान रेलवे की तरफ से बंद की गई किराये में छूट को सरकार की तरफ से फिर से शुरू किया जा सकता है। अगर ऐसा होता है तो करोड़ों सीनियर सिटीजन को बड़ी राहत मिलेगी। सरकार की तरफ से ट्रेन के किराये में वरिष्ठ नागरिकों को किराये में मिलने वाली रियायत को 4 साल बाद बहाल किया जा सकता है।
Covid महामारी से पहले सीनियर सिटिजन को ट्रेन की टिकट बुक करने पर छूट (Train Tickets Concession) मिलती थी। यह छूट लॉकडाउन के बाद मिलना बंद हो गई है। मोदी 3.0 सरकार सीनियर सिटीजन को रेल किराये में मिलने वाली छूट चार साल बाद बहाल की जा सकती है। ऐसा दावा किया गया कि इस छूट को एसी कोच की बजाय केवल स्लीपर क्लास (Sleeper Class) के लिए बहाल करने पर चर्चा चल रही है। सरकार की कोशिश है कि रेलवे पर कम से कम आर्थिक बोझ डाला जाए। ऐसे में केवल उन्हीं सीनियर सिटीजन को किराये में छूट दी जाएगी, जो स्लीपर क्लास में सफर करने में आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं। अगर यह सर्विस दोबारा शुरू होती है तो सीनियर सिटिजन को ट्रेन में ट्रैवल करने में काफी आसानी होगी।
कोरोना महामारी से पहले रेलवे की तरफ से 60 साल या इससे ज्यादा की उम्र वाले पुरुषों के लिए मूल किराये में 40% की छूट का प्रावधान था। इसके साथ ही 58 साल या इससे ज्यादा की उम्र वाली महिलाओं को किराये में 50% की छूट मिलती थी। मार्च 2020 में कोविड के दौरान इस छूट को बंद कर दिया गया था। रेलवे की तरफ से किराये में दी जाने वाली छूट का मामला संसद में भी उठा। इस पर रेलवे बताया कि एक यात्री पर औसत खर्च 110 रुपये का आता है, जबकि इसकी तुलना में 45 रुपये ही लिये जाते हैं।