राष्ट्रीय

IPS पूरन कुमार केस में जांच तेज, चंडीगढ़ पुलिस ने पत्नी को भेजा नोटिस

पुलिस ने मृतक अधिकारी की पत्नी और IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार (IAS Amneet P Kumar) को नोटिस जारी करते हुए मामले से जुड़े दस्तावेज और बयान दर्ज करने की मांग की है।
2 min read
Oct 14, 2025
Feature image
IPS पूरन की पत्नी को नोटिस जारी (X)

हरियाणा कैडर के वरिष्ठ IPS अधिकारी वाई. पूरन कुमार (IPS Y Puran Kumar) की आत्महत्या मामले में चंडीगढ़ पुलिस ने जांच को तेज कर दिया है। पुलिस ने मृतक अधिकारी की पत्नी और IAS अधिकारी अमनीत पी. कुमार (IAS Amneet P Kumar) को नोटिस जारी किया है, जिसमें उनसे मामले से जुड़े दस्तावेज और बयान दर्ज करने की मांग की गई है। यह कदम विशेष जांच दल (SIT) द्वारा उठाया गया है, जो सुसाइड नोट में दिए 15 अधिकारियों पर लगे आरोपों की गहराई से पड़ताल कर रहा है।

सुसाइड नोट में अधिकारीयों पर आरोप

पूरन कुमार, 2001 बैच के IPS अधिकारी, ने 7 अक्टूबर को चंडीगढ़ के सेक्टर-11 स्थित अपने आवास पर खुद को गोली मारकर आत्महत्या कर ली थी। उनके लैपटॉप पर मिले 8-9 पेज के सुसाइड नोट में उन्होंने हरियाणा DGP शत्रुजीत सिंह कपूर सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों पर मानसिक उत्पीड़न, अपमान और साजिश रचने के गंभीर आरोप लगाए थे। नोट में रोहतक SP नरेंद्र भड़ाना, पूर्व DGP काला रामचंद्रन, ADGP संदीप खिर्वर, अमिताभ ढिल्लों, संजय कुमार, माता रवि किरण, IPS शिवास कविराज, IG पंकज नैन, IG कुलविंदर सिंह जैसे नाम शामिल हैं।

न्याय की मांग पर अड़ा रहा परिवार

अमनीत कुमार ने पति की मौत के बाद चंडीगढ़ पुलिस को दो शिकायतें दर्ज कराईं, जिसमें FIR में सभी नामों को स्पष्ट रूप से आरोपी के कॉलम में दर्ज करने और SC/ST एक्ट की सही धाराओं को लागू करने की मांग की गई। उन्होंने SSP चंडीगढ़ को पत्र लिखकर FIR को 'अधूरा' बताते हुए चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी न हुईं तो अंतिम संस्कार और पोस्टमार्टम में देरी होगी। परिवार ने न्याय की मांग पर अड़े रहते हुए 5 दिनों तक शव को अंतिम संस्कार के लिए तैयार नहीं किया, लेकिन 12 अक्टूबर को PGIMER में पोस्टमार्टम कराया गया।

6 मेंबर्स की SIT गठित

चंडीगढ़ पुलिस ने अमनीत की शिकायत पर 9 अक्टूबर को FIR दर्ज की, लेकिन इसमें आरोपी कॉलम को 'As Per Note' लिखकर छोड़ दिया गया था, जिससे विवाद बढ़ा। इसके बाद 6 सदस्यीय SIT का गठन किया गया, जो रोहतक में भी जांच कर रही है। पुलिस ने हरियाणा सरकार को BNSS की धारा 94 के तहत नोटिस जारी कर दस्तावेज मांगे हैं।

NCSC ने जारी किया नोटिस

मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति आयोग (NCSC) ने चंडीगढ़ के मुख्य सचिव और DGP को 7 दिनों में रिपोर्ट मांगते हुए नोटिस जारी किया है। यदि समय पर जवाब न मिला तो समन जारी करने की चेतावनी दी गई है। पुलिस अब लैपटॉप और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है। SIT के प्रमुख DSP सुखप्रीत सिंह ने कहा कि जांच सभी पहलुओं से निष्पक्ष होगी।

Published on:
14 Oct 2025 08:58 am