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’80 साल बाद भी बदहाल हैं स्कूल’, CJP ने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को लिखी खुली चिट्ठी, पूछे 6 बड़े सवाल

CJP ने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को खुली चिट्ठी लिखकर सरकारी स्कूलों की स्थिति पर 6 सवाल पूछे हैं। स्कूल, शिक्षक, बजट और सुविधाओं का डेटा मांगा है।
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Aug 24, 2026
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CJP ने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को लिखी चिट्ठी (फोटो - @abhijeet_dipke/X)

CJP School Thik Karo: देशभर के सरकारी स्कूलों की स्थिति को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों को खुली चिट्ठी लिखी है। CJP के संस्थापक और संयोजक अभिजीत दीपके ने चिट्ठी के जरिए सरकारी स्कूलों की सुविधाओं, शिक्षकों की कमी, बजट और स्कूलों की मरम्मत से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक करने की मांग की है।

CJP का कहना है कि आजादी के करीब 80 साल बाद भी देश के तमाम सरकारी स्कूलों में बच्चों को साफ पीने का पानी, काम करने वाले शौचालय, अच्छी कक्षाएं और बैठने के लिए बेंच जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। संगठन ने सरकारों से सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने को प्राथमिकता देने की अपील की है।

शिक्षा मंत्रियों से पूछे 6 बड़े सवाल

अभिजीत दीपके ने सभी राज्यों के शिक्षा मंत्रियों से सरकारी स्कूलों को लेकर छह अहम जानकारियां सार्वजनिक करने को कहा है।

  • स्कूलों की मरम्मत: पिछले पांच साल में कितने सरकारी स्कूलों की मरम्मत या नवीनीकरण हुआ? अभी कितने स्कूलों को मरम्मत या पूरी तरह सुधार की जरूरत है?
  • शिक्षकों की कमी: सरकारी स्कूलों में शिक्षकों के कितने पद स्वीकृत हैं, कितने पद भरे हुए हैं और कितने खाली हैं?
  • बजट और खर्च: पिछले पांच साल में सरकारी स्कूलों के लिए कितना बजट आवंटित किया गया और उसमें से वास्तव में कितना पैसा खर्च हुआ?
  • नए स्कूलों की जरूरत: सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक उचित पहुंच देने के लिए अभी कितने नए सरकारी स्कूलों की जरूरत है?
  • शिक्षकों से गैर-शैक्षणिक काम: पढ़ाने के अलावा सरकारी स्कूलों के शिक्षकों से कौन-कौन से गैर-शैक्षणिक काम कराए जा रहे हैं?
  • बुनियादी सुविधाएं: कितने सरकारी स्कूलों में साफ पीने का पानी, काम करने वाले शौचालय, कंप्यूटर और डिजिटल पढ़ाई की सुविधा के साथ बच्चों के लिए खेल का उचित सामान उपलब्ध है?

बच्चों के साथ जानवरों से भी बदतर व्यवहार

CJP ने चिट्ठी में सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति पर चिंता जताई है। संगठन का कहना है कि कई स्कूलों में बच्चे आज भी बुनियादी सुविधाओं के अभाव में पढ़ने को मजबूर हैं। अभिजीत दीपके ने सोशल मीडिया पर सामने आने वाली ऐसी तस्वीरों और वीडियो का जिक्र किया, जिनमें बच्चों को खराब या असुरक्षित परिस्थितियों में पढ़ते देखा जा सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसी स्थिति में बच्चों के साथ 'जानवरों से भी बदतर' व्यवहार किया जा रहा है।

CJP ने कहा कि सरकारी स्कूलों में बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना किसी राजनीतिक दल या सरकार का मुद्दा नहीं, बल्कि हर बच्चे के बेहतर भविष्य से जुड़ा सवाल है।

हर बच्चे को बेहतर स्कूल मिलना चाहिए

दीपके ने कहा कि हर बच्चे को सुरक्षित कक्षा, साफ पीने का पानी, काम करने वाला शौचालय, बैठने के लिए बेंच और पढ़ाने वाला शिक्षक मिलना चाहिए। बच्चे का परिवार आर्थिक रूप से कितना मजबूत है या वह देश के किस हिस्से में पैदा हुआ है इससे उसकी शिक्षा के अधिकार पर कोई असर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने सभी राज्य सरकारों से सरकारी स्कूलों की स्थिति सुधारने के लिए तुरंत बड़े स्तर पर कदम उठाने की अपील की है।

'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत उठाया कदम

यह खुली चिट्ठी CJP के 'स्कूल ठीक करो' अभियान के तहत लिखी गई है। संगठन ने 15 अगस्त 2026 को महाराष्ट्र के हिंगोली जिले के संतुक पिंपरी गांव से इस अभियान की शुरुआत की थी। इस अभियान के तहत CJP अभिभावकों, स्थानीय लोगों और ग्राम सरपंचों को अपने इलाके के सरकारी स्कूलों की स्थिति की जांच करने के लिए प्रोत्साहित कर रही है। इसका उद्देश्य स्कूलों में मौजूद कमियों की पहचान करना, सरकार से जवाब मांगना और स्थानीय स्तर पर स्कूलों की स्थिति सुधारने के प्रयास करना है।

CJP का कहना है कि सरकारी स्कूलों से जुड़ी जानकारी सार्वजनिक होने से यह पता चलेगा कि अलग-अलग राज्यों में शिक्षा के बुनियादी ढांचे की वास्तविक स्थिति क्या है और सुधार के लिए कितने संसाधनों की जरूरत है।

Updated on:
24 Aug 2026 04:22 pm
Published on:
24 Aug 2026 04:22 pm