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प्रियंका गांधी का केंद्र पर पलटवार, बोलीं- 40 साल में सबसे ज्यादा बेरोजगारी, युवा परेशान

प्रियंका गांधी वाड्रा ने बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी की दर 40 साल में सबसे ज्यादा है और रोजगार के अवसर नहीं बनने से युवा परेशान हैं।
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नई दिल्ली

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Anand Prakash Yadav

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Updated: 24 Aug 2026, 5:28 PM IST

India Unemployment Rate

बेरोजगारी को लेकर प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र पर बोला हमला, photo credit: ANI

Unemployment in India: कांग्रेस महासचिव और सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने देश में बेरोजगारी को लेकर केंद्र सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि देश में बेरोजगारी की दर पिछले 40 सालों में सबसे ज्यादा है। यह बात तो सभी जानते हैं। साफ है कि युवाओं को रोजगार नहीं मिलने से काफी बेचैनी, निराशा और हताशा है। हमने इसे छात्रों के विरोध-प्रदर्शनों में देखा है। यह नाकाम शिक्षा व्यवस्था और पिछले 12 सालों में नौकरी के नए मौके न बनने का नतीजा है।

सरकारी नीतियां जिम्मेदार

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर मैन्युफैक्चरिंग और MSME पर कोई जोर नहीं देने का आरोप लगाया। इसके चलते छोटे और लघु उद्योग खत्म होने के कगार पर पहुंच गए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार की कुछ ऐसी नीतियां हैं, जो छोटे कारोबारों, नौकरी देने वालों और यहां तक कि खेती-बाड़ी के क्षेत्र को भी कमजोर कर रही हैं। इसलिए मुझे लगता है कि यह एक ऐसा मुद्दा है, जिसे कांग्रेस पार्टी काफी समय से उठाती रही है।

अमीरों को सरकार का संरक्षण

प्रियंका गांधी वाड्रा ने सरकार पर आरोप लगाया कि केंद्र सरकार अमीरों के ऋण तो माफ करती है, लेकिन किसानों के ऋण माफ नहीं कर पाती। कम बारिश और फर्टिलाइजर की कमी की मार से किसान पहले से ही परेशान हैं, जिसके कारण कृषि अब किसानों के लिए फायदे का सौदा नहीं रह गई है। इसके कारण ग्रामीण युवा शहरों की ओर पलायन कर रहे हैं, लेकिन शहरों में भी युवाओं को रोजगार नहीं मिल रहा है।

शिक्षा व्यवस्था पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी वाड्रा ने केंद्र सरकार पर देश की शिक्षा व्यवस्था को बर्बाद करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि देश में शिक्षा व्यवस्था का ढांचा पूरी तरह ध्वस्त हो चुका है। देश में महंगी शिक्षा के कारण गरीब तबके के बच्चों को शिक्षा नहीं मिल पा रही है वहीं, प्रतिभाशाली शिक्षित युवा देश छोड़कर रोजगार के लिए विदेशों का रुख कर रहे हैं। शहरी इलाकों में सबसे ज्यादा रोजगार सृजन करने वाले निर्माण क्षेत्र में आई मंदी के चलते नौकरियां कम हुई हैं। उन्होंने कहा कि जब नौकरियां ही नहीं हैं, तो आरक्षण देने का क्या अर्थ है।