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जयराम रमेश का दावा- परिसीमन विधेयक को हर हाल में पास करवाना चाहते हैं गृह मंत्री अमित शाह

कांग्रेस नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि देश के गृह मंत्री किसी भी कीमत पर परिसीमन विधेयक पास कराना चाहते हैं। पढ़ें पूरी खबर...

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Jun 18, 2026
Jairam Ramesh
जयराम रमेश ( ANI Photo)

साल 2024 के लोकसभा चुनाव में भाजपा महज 240 सीटों पर सिमट गई थी। बहुमत के आंकड़े के लिए सहयोगियों का सहारा लेना पड़ा था। जदयू, टीडीपी, शिवसेना और लोजपा जैसे सहयोगी दलों के समर्थन पर नरेंद्र मोदी ने 293 सांसदों के समर्थन जुटाए, लेकिन दो साल बाद अब हालात बदलते हुए दिखाई दे रहे हैं। संसद के दोनों सदनों में NDA की स्थिति पहले से बेहतर है। वहीं, गठबंधन की राजनीति को संभालने के लिए अधिक विकल्प मिल गए हैं। हालांकि, अभी भी परिसीमन बिल को पास कराने के लिए मोदी सरकार के पास संसद में दो तिहाई बहुमत नहीं है। कांग्रेस का कहना है कि बीजेपी इसलिए ये जोड़तोड़ की जुगत में लगी हुई है।

पीएम नरेंद्र मोदी से गृह मंत्री अमित शाह ने किया है वादा : जयराम रमेश

कांग्रेस नेता व पूर्व केंद्रीय मंत्री जयराम रमेश ने कहा कि 17 अप्रैल 2026 को लोकसभा में गृह मंत्री की बड़ी बेइज्जती हुई। एक संविधान संशोधन विधेयक पारित नहीं कर पाए। उन्होंने साहब (पीएम नरेंद्र मोदी) को वादा किया था कि ये पारित होगा। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के नाम पर ये परिसीमन का बिल लेकर आए थे।

उन्होंने कहा कि संविधान संशोधन विधेयक के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत थी। 2 तिहाई बहुमत मतलब 362 सांसद की जरूरत थी। गृह मंत्री को केवल 298 सांसदों का समर्थन मिला। यानी उनके दावों के बावजूद पूरे प्रयासों के बावजूद उन्हें बहुमत नहीं मिला। अब वे तोड़फोड़ की राजनीति में लगे हैं। उनका मकसद दो तिहाई बहुमत है।

शिवसेना (UBT) में फूट

उद्धव ठाकरे की शिवसेना के 9 में से 6 सांसदों ने बगावत कर दी है। इन सभी ने बुधवार सुबह 9.30 बजे लोकसभा स्पीकर ओम बिरला को शिंदे की शिवसेना में विलय के लिए चिट्ठी भेजी, लेकिन अभी तक इसकी पुष्टि नहीं की गई है। वहीं, आज सुबह शिवसेना MLC चंद्रकांत रघुवंशी ने कहा कि महाराष्ट्र में ऑपरेशन टाइगर हुआ है। उबाठा के छह सांसदों ने एकनाथ शिंदे पर भरोसा जताया है और हमारे साथ आ गए हैं।

तृणमूल के 20 सांसदों ने ज्वाइन किया NCPI

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में हार के बाद ममता बनर्जी की पार्टी में भी बड़ी फूट हुई। पार्टी के 60 से अधिक विधायक और 20 सांसद बागी हो गए। काकोली घोष दस्तीदार के नेतृत्व में ये सभी बागी सांसदों ने NCPI में विलय कर लिया। साथ ही, इन सभी ने मोदी सरकार को समर्थन देने का ऐलान किया।

राज्यसभा में आम आदमी पार्टी टूटी

वहीं, राज्यसभा में आम आदमी पार्टी टूट गई। आप के सात सांसद बीजेपी में चले गए। 10 में सात सांसदों ने खुद को भारतीय जनता पार्टी में मिलाने का ऐलान किया। दो तिहाई सांसदों के विलय के कारण दल-बदल कानून भी उन पर लागू नहीं हुआ। पाला बदलने वालों में आप संयोजक अरविंद केजरीवाल के प्रमुख सहयोगी राघव चड्ढा व संदीप पाठक भी थे।

Updated on:
18 Jun 2026 12:20 pm
Published on:
18 Jun 2026 12:16 pm