
उद्धव ठाकरे और आदित्य ठाकरे (Photo: IANS/File)
Shiv Sena UBT Crisis: महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर ऑपरेशन टाइगर को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। शिवसेना एमएलसी चंद्रकांत रघुवंशी ने गुरुवार को दावा किया कि शिवसेना (यूबीटी) के छह सांसदों ने मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर भरोसा जताते हुए शिवसेना के शिंदे गुट का दामन थाम लिया है।
मीडिया से बात करते हुए शिवसेना एमएलसी ने कहा कि महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन टाइगर' हो चुका है। आज छह सांसदों ने एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में विश्वास जताया और शिवसेना में शामिल हो गए हैं। मैं उनका स्वागत करता हूं।
उन्होंने आगे कहा कि यदि किसी जनप्रतिनिधि को जनता के लिए प्रभावी ढंग से काम करना है तो उसे शिवसेना और बीजेपी के गठबंधन के साथ जुड़ना चाहिए। रघुवंशी ने दावा किया कि सांसदों के मन में बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा है और उन्हें लगा कि एकनाथ शिंदे के नेतृत्व से बेहतर कोई विकल्प नहीं है।
बता दें कि महाराष्ट्र में 'ऑपरेशन टाइगर' को लेकर पिछले कुछ दिनों से चर्चाएं तेज हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, शिवसेना (UBT) के नौ में से छह सांसद शिंदे गुट के संपर्क में हैं और वे पार्टी बदलने पर विचार कर सकते हैं। इससे 2022 की तरह शिवसेना में एक और बड़ी टूट की अटकलें लगाई जा रही हैं।
इस बीच केंद्रीय मंत्री प्रतापराव जाधव ने शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी भाषा और बयानबाजी पार्टी के पतन का कारण बन रही है। उन्होंने कहा कि सांसदों द्वारा दिए गए पत्र पर अब फैसला लोकसभा अध्यक्ष को करना है।
जाधव ने यह भी कहा कि 19 जून को शिवसेना के स्थापना दिवस पर वही लोग शामिल होंगे जो बालासाहेब ठाकरे की विचारधारा में विश्वास रखते हैं। इसे शिंदे गुट की ओर एक स्पष्ट राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
इसी बीच शिवसेना यूबीटी के नेता संजय राउत ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की है। इस दौरान सांसद अरविंद सावंत भी मौजूद थे। राउत ने कहा कि हमारी पार्टी के लोकसभा नेता अरविंद सावंत ने सभी सांसदों को व्हिप जारी किया है कि दिल्ली स्थित हमारे संसद कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की जा रही है। कुछ मुद्दों पर चर्चा की जानी है। इसी कारण यह तीन-पंक्ति वाला व्हिप जारी किया गया है। आज सुबह 11 बजे से हमारी बैठक शुरू होगी।
उन्होंने कहा कि मुझे नहीं पता कि अब तक कितने सांसद दिल्ली पहुँच चुके हैं। लेकिन हमारी संसदीय पार्टी और विधायी दल में व्हिप जारी करने की एक निर्धारित प्रक्रिया है और उसी प्रक्रिया का पालन करते हुए यह व्हिप जारी किया गया है।
Updated on:
18 Jun 2026 11:31 am
Published on:
18 Jun 2026 11:15 am
