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West Bengal: TMC सांसद अभिषेक बनर्जी समेत 29 के खिलाफ जमीन हड़पने के मामले में जांच के आदेश

Abhishek Banerjee Land Grab Case: पश्चिम बंगाल के नदिया की जिला अदालत ने जमीन हड़पने के आरोपों में अभिषेक बनर्जी समेत 30 लोगों के खिलाफ पुलिस जांच के आदेश दिए हैं। शिकायत में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे और पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने के आरोप लगाए गए हैं।
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भारत

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Harshul Mehra

Aug 13, 2026

जमीन हड़पने के मामले में सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जांच के आदेश। फोटो-IANS

जमीन हड़पने के मामले में सांसद अभिषेक बनर्जी के खिलाफ जांच के आदेश। फोटो-IANS

Abhishek Banerjee Land Grab Case: पश्चिम बंगाल के नदिया जिले की अदालत ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और पार्टी के महासचिव अभिषेक बनर्जी समेत 29 अन्य लोगों के खिलाफ जमीन हड़पने के आरोपों की जांच के आदेश दिए हैं। आरोप नदिया के साथ-साथ मुर्शिदाबाद जिले में भी जमीन पर अवैध कब्जे से जुड़े हैं।

कई TMC नेताओं के नाम भी शामिल

मामले में कई लोगों के नाम सामने आए हैं। इनमें कालीगंज से TMC विधायक अलीफ अहमद, बेलडांगा से TMC के पूर्व विधायक हसनुज्जमान शेख और पिछली सरकारों में विधायक रहे कुछ अन्य लोगों के नाम भी शामिल हैं।

बपन घोष ने अदालत में दायर की थी शिकायत

मामले की शिकायत कालीगंज के रहने वाले बपन घोष ने की थी। उन्होंने 15 जुलाई को कृष्णानगर जिला सेशन कोर्ट में मामला दर्ज कराया था। शिकायत में आरोप लगाया गया कि वर्ष 2016 से कई सरकारी जमीनों पर कथित तौर पर अवैध कब्जा किया गया। शिकायत के मुताबिक, इन जमीनों पर कब्जे के बाद उन्हें कालीगंज और नदिया जिले के बेनडांगा-2 ब्लॉक के अंतर्गत आने वाले शक्तिपुर गांव में बेच दिया गया।

जमीन कब्जाने के दौरान पर्यावरण को नुकसान का आरोप

बपन घोष ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि सरकारी जमीन पर कथित अवैध कब्जे की प्रक्रिया के दौरान संबंधित क्षेत्रों के पर्यावरण को भी नुकसान पहुंचा। उनका दावा है कि इस दौरान कई पेड़ काटे गए। शिकायतकर्ता के मुताबिक, पेड़ों की कटाई से पर्यावरण को नुकसान पहुंचने के साथ-साथ सरकारी संपत्ति को भी क्षति हुई।

पुलिस और वन विभाग में शिकायत का दावा

बपन घोष ने दावा किया कि उन्होंने इस मामले को लेकर पुलिस और वन विभाग से भी शिकायत की थी। हालांकि, उनके अनुसार शिकायतों के बावजूद मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि इसके उलट उन्हें टीएमसी कार्यकर्ताओं की ओर से धमकियों का सामना करना पड़ा।

सत्ता परिवर्तन के बाद फिर अदालत पहुंचे शिकायतकर्ता

पश्चिम बंगाल में हाल ही में हुए विधानसभा चुनाव के बाद सत्ता परिवर्तन हुआ। इसके बाद बपन घोष ने मामले को लेकर नदिया जिला सेशन कोर्ट में भी याचिका दायर की। गुरुवार को अदालत ने शिकायत के आधार पर पुलिस को मामले की जांच करने का आदेश दिया।

जांच के बाद सामने आएगी सच्चाई: TMC से जुड़े लोग

मामले को लेकर TMC से जुड़े कई लोगों का कहना है कि ये आरोप राजनीतिक बदले की भावना से लगाए जा रहे हैं। उनका कहना है कि पुलिस की जांच पूरी होने के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल अदालत के आदेश के बाद पुलिस मामले की जांच करेगी और आरोपों से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।