
अग्निमित्रा पॉल (फाइल फोटो - आईएएनएस)
Agnimitra Paul on Nirmal Ghosh Arrest: आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल की महिला डॉक्टर की मौत के मामले में पूर्व टीएमसी विधायक निर्मल घोष की गिरफ्तारी हो चुकी है। अब बीजेपी नेता अग्निमित्रा पॉल ने एक और गिरफ्तारी की मांग की है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। अग्निमित्रा ने आरोप लगाया कि घटना के दिन सोमनाथ पीड़ित परिवार के साथ था और मृतका की मां को बोलने नहीं दे रहा था।
अग्निमित्रा ने कहा कि सोमनाथ पूरे इंतजाम को देख रहा था। उन्होंने आरोप लगाया कि शव को सीधे उसके घर ले जाया गया, जबकि मृतका के माता-पिता पुलिस स्टेशन के बाहर खड़े थे और उन्हें यह तक पता नहीं था कि शव कहां ले जाया गया।
अग्निमित्रा पॉल ने कहा कि अगर निर्मल घोष को गिरफ्तार किया गया है तो सोमनाथ को भी गिरफ्तार किया जाना चाहिए। उन्होंने सोमनाथ को निर्मल घोष का राइट हैंड बताया है। उन्होंने कहा कि पुलिस को यह पता लगाना चाहिए कि उस दिन घटनाक्रम में किसकी क्या भूमिका थी। अग्निमित्रा के मुताबिक, पुलिस अभी हमले और गिरफ्तारी से जुड़ी बाकी जानकारी की भी जांच कर रही है।
निर्मल घोष की गिरफ्तारी महिला डॉक्टर के अंतिम संस्कार से जुड़े मामले में हुई है। इस मामले में निर्मल घोष, पानीहाटी नगरपालिका के पार्षद सोमनाथ डे और मृतका के परिवार के पड़ोसी संजीव मुखर्जी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।
यह एफआईआर मृतका के पिता की शिकायत के आधार पर खड़दह थाने में दर्ज हुई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि परिवार की सहमति के बिना जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराया गया। परिवार ने आशंका जताई थी कि ऐसा सबूतों को छिपाने और दूसरी पोस्टमार्टम जांच को रोकने के लिए किया गया।
बैरकपुर पुलिस कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक, अंतिम संस्कार से जुड़ा यह मामला आरजी कर प्रकरण के CBI जांच से अलग है।
पुलिस के मुताबिक, इस मामले की जांच CBI कर रही है। वहीं अंतिम संस्कार में कथित अनियमितताओं को लेकर परिवार की शिकायत पर खड़दह थाने में अलग FIR दर्ज की गई है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में किन लोगों की भूमिका थी और क्या परिवार की सहमति के बिना जल्दबाजी में अंतिम संस्कार कराया गया।
जांच के दौरान पुलिस को यह भी जानकारी मिली कि महिला डॉक्टर का शव पानीहाटी के एक श्मशान घाट ले जाया गया था। आरोप है कि वहां पहले से दो शव अंतिम संस्कार की कतार में थे, लेकिन महिला डॉक्टर के शव का अंतिम संस्कार उनसे पहले कर दिया गया।
पुलिस अंतिम संस्कार की सहमति से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। इन दस्तावेजों पर मौजूद हस्ताक्षरों को लेकर भी सवाल उठे हैं। पुलिस का दावा है कि कुछ हस्ताक्षर मृतका के माता-पिता या परिवार के सदस्यों के बजाय पड़ोसियों के हो सकते हैं।
इस मामले में मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने 8 अगस्त को अलग केस दर्ज करने का निर्देश दिया था। उन्होंने अंतिम संस्कार की परिस्थितियों पर सवाल उठाते हुए निर्मल घोष, सोमनाथ डे और संजीव मुखर्जी की भूमिका की जांच की बात कही थी।
अधिकारी ने यह भी सवाल उठाया था कि अंतिम संस्कार शुल्क कथित तौर पर क्यों माफ किया गया और संबंधित दस्तावेजों पर परिवार के सदस्यों के हस्ताक्षर क्यों नहीं थे।
31 वर्षीय पोस्टग्रेजुएट ट्रेनी डॉक्टर का शव 9 अगस्त 2024 को आरजी कर मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के सेमिनार रूम में मिला था। जांच में उसके साथ ज्यादती और हत्या की बात सामने आई थी। मामले की जांच बाद में CBI को सौंप दी गई। इस केस में एक आरोपी को दोषी ठहराया जा चुका है। मामले से जुड़े अन्य पहलुओं पर जांच और कानूनी प्रक्रिया जारी है।
वहीं, अब अंतिम संस्कार को लेकर दर्ज अलग एफआईआर में निर्मल घोष की गिरफ्तारी के बाद सोमनाथ डे की भूमिका भी जांच के घेरे में है। अग्निमित्रा पॉल ने उनकी गिरफ्तारी की मांग कर इस मामले को लेकर राजनीतिक दबाव और बढ़ा दिया है।
Updated on:
13 Aug 2026 06:39 pm
Published on:
13 Aug 2026 06:24 pm
