
उद्धव ठाकरे। (फोटो- IANS)
Shiv Sena UBT MP Delhi Meeting: महाराष्ट्र की राजनीति से जुड़ी इस वक्त की सबसे बड़ी खबर आ रही है। उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) द्वारा गुरुवार को बुलाई गई संसदीय दल की बैठक में लोक सभा के नौ सांसदों में से केवल तीन सांसद ही शामिल हुए। बैठक शुरू होने के काफी देर बाद तक इंतजार किया गया, लेकिन किसी भी बागी सांसद ने अपनी हाजिरी नहीं लगाई। साफ है कि इन बागी सांसदों ने पार्टी के आदेश और व्हिप को पूरी तरह हवा में उड़ा दिया है, जिसके बाद अब इन सभी पर दलबदल विरोधी कानून के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।
शिवसेना (UBT) की संसदीय दल की बैठक के बाद सांसद अरविंद सावंत ने कहा, अनुपस्थित सांसदों ने पार्टी के साथ धोखा किया है। हम उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी करने जा रहे हैं। उन्हें शाम तक नोटिस मिल जाएगा। अगर वे नोटिस मिलने के 7 दिनों के भीतर जवाब नहीं देते हैं, तो कार्रवाई की जाएगी। हम स्पीकर को भी पत्र लिखेंगे।
वर्तमान में लोक सभा में उद्धव ठाकरे गुट के पास कुल 9 सांसद हैं। दिल्ली में बुलाई गई इस अहम बैठक में केवल 3 लोकसभा सांसद अनिल देसाई, अरविंद सावंत और नासिक से सांसद राजाभाऊ वाजे ही पहुंचे। इनके अलावा राज्य सभा सांसद संजय राउत इस बैठक में मौजूद रहे।
पार्टी नेतृत्व अब व्हिप उल्लंघन का मुद्दा आधिकारिक रूप से लोक सभा स्पीकर के सामने उठाने की तैयारी कर रहा है। बैठक में अनुपस्थित रहे सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर शिवसेना (यूबीटी) जल्द ही लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला को पत्र भेज सकती है।
बुधवार को दिल्ली में हुई प्रेस कॉन्फ्रेंस में भी केवल यही तीनों सांसद संजय राउत के साथ दिखे थे। बाकी बचे 6 सांसदों की गैरमौजूदगी ने यह पूरी तरह साफ कर दिया है कि एकनाथ शिंदे का 'ऑपरेशन टाइगर' (Operation Tiger) कामयाब हो चुका है।
राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि ठाकरे गुट के छह सांसदों ने अलग समूह बनाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है और इससे संबंधित पत्र भी लोकसभा अध्यक्ष को सौंपा गया है। हालांकि अभी तक इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। उधर, शिंदे गुट फिलहाल कोई सार्वजनिक घोषणा करने के मूड में नहीं है। कानूनी स्थिति स्पष्ट होने और ठाकरे गुट की अगली रणनीति सामने आने के बाद ही आगे के कदम उठाए जा सकते हैं।
बुधवार देर रात एकनाथ शिंदे ने कथित तौर पर छह बागी सांसदों के साथ कॉन्फ्रेंस कॉल के जरिए करीब 30 मिनट तक चर्चा की। इस बातचीत में सभी सांसदों को राजनीतिक और कानूनी समर्थन का भरोसा दिया गया।
बगावत का बिगुल फूंकने वाले ठाकरे गुट के 6 सांसदों में संजय दीना पाटिल (मुंबई उत्तर-पूर्व), ओमराजे निंबालकर (धाराशिव), संजय जाधव (परभणी), संजय देशमुख (यवतमाल-वाशिम), नागेश पाटिल आष्टीकर (हिंगोली) और भाऊसाहेब वाकचौरे (शिर्डी) शामिल है।
Updated on:
18 Jun 2026 01:53 pm
Published on:
18 Jun 2026 11:46 am
